केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, बुद्ध का मार्ग है विश्व का समाधान

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केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, बुद्ध का मार्ग है विश्व का समाधान

सारांश

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में बौद्ध शांति मार्च का स्वागत किया और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया।

Key Takeaways

  • बुद्ध का मार्ग शांति का एकमात्र रास्ता है।
  • शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है।
  • भारत की संस्कृति शांति और मानवता पर आधारित है।

लखनऊ, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व शांति, समता और भाईचारे का संदेश लेकर राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य बौद्ध शांति मार्च का सोमवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” ही शांति का एकमात्र मार्ग है और वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं पहले से अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

यह शांति मार्च, जो डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से प्रारंभ हुआ, हजरतगंज चौराहा होते हुए उपमुख्यमंत्री के कैम्प कार्यालय, ७-कालिदास मार्ग तक पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं, पूज्य भन्तेगणों और नागरिकों ने भाग लेकर शांति और करुणा का संदेश दिया। कैम्प कार्यालय पहुंचने पर उपमुख्यमंत्री ने भिक्षुओं का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस पहल को समाज में शांति और सद्भाव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

मौर्य ने कहा कि भारत की संस्कृति सदैव शांति, समता और मानवता पर आधारित रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया कि “भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया है, युद्ध नहीं”, जो आज के समय में और भी सार्थक प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, तब भगवान बुद्ध का मार्ग ही मानवता को दिशा देने वाला है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “विश्व एक परिवार है और शांति हमारा सबसे बड़ा अस्त्र है।” उन्होंने सम्राट अशोक महान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बुद्ध के संदेश को विश्वभर में फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें प्रतिनिधिमंडल के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को रूस के काल्मिकिया ले जाने का अवसर मिला, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आस्था व्यक्त की।

मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार “विरासत और विकास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। काशी, मथुरा और अयोध्या की तर्ज पर सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक न्याय और समता के विचारों को स्मरण किया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि प्रदेश सरकार बुद्ध विहारों के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य भन्ते शीलरतन ने करुणा और शांति के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

लखनऊ स्थित जन भवन में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और गुणवत्ता में सुधार समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नेतृत्व और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि जन भवन में बुनियादी सुविधाओं के विकास में उल्लेखनीय कार्य हुआ है।

विद्यालय के उन्नयन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यह संस्थान कक्षा ८ तक सीमित था, जिसे अब बढ़ाकर कक्षा १० तक कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान उनकी प्रतिभा, अनुशासन और जिज्ञासा की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां के विद्यार्थी भविष्य में चिकित्सा, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मौर्य ने विद्यालय के विकास में राज्यपाल की भूमिका को अहम बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।

Point of View

जिसमें उप मुख्यमंत्री ने बौद्ध शांति की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित किया है। उनके विचारों ने न केवल धार्मिक सद्भावना को बढ़ावा दिया है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

केशव प्रसाद मौर्य ने बौद्ध शांति मार्च में क्या कहा?
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 'बुद्धम् शरणम् गच्छामि' ही शांति का एकमात्र मार्ग है।
बौद्ध शांति मार्च की शुरुआत कहाँ से हुई?
यह शांति मार्च डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से शुरू हुआ।
मौर्य ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या सुधार की बात की?
उन्होंने शिक्षा में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
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