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क्या राष्ट्रपति पर खड़गे का बयान शर्मनाक है, जनता से माफी मांगें : मनन मिश्रा?

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क्या राष्ट्रपति पर खड़गे का बयान शर्मनाक है, जनता से माफी मांगें : मनन मिश्रा?

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रपति पर दिए गए बयान ने सियासत में भूचाल ला दिया है। मनन मिश्रा ने इसे शर्मनाक बताते हुए खड़गे से माफी की मांग की है। जानिए इस मुद्दे पर क्या कहा गया है और इसके पीछे की सच्चाई क्या है।

मुख्य बातें

खड़गे का बयान राजनीतिक विवाद का कारण बना है।
मनन मिश्रा ने इसे शर्मनाक बताया है।
बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले नेताओं का इतिहास नकारात्मक है।
सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
जनता की समझ और प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर दिए गए बयान ने सियासी हलचल को बढ़ा दिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा ने खड़गे के बयान को अत्यंत दुःखद और शर्मनाक करार दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जैसे गरिमामय पद पर बैठे व्यक्तियों का इस तरह मजाक उड़ाना देश की गरिमा का अपमान है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में मंगलवार को मनन मिश्रा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह एक प्रौढ़ और अनुभवी नेता हैं। उनके मुंह से इस तरह की बातें शोभा नहीं देतीं। द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी समाज से आने वाली प्रतिष्ठित महिला हैं और देश की राष्ट्रपति हैं। वहीं, रामनाथ कोविंद एक विद्वान व्यक्ति हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी को बड़ी गरिमा के साथ निभाया। भाजपा और भारत की जनता ने बिना किसी जाति-धर्म का भेद किए इन व्यक्तियों को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाया है, उनकी इस तरह से खिल्ली उड़ाना अत्यंत शर्मनाक है।

मनन मिश्रा ने खड़गे से जनता के सामने माफी मांगने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि खड़गे ऐसा नहीं करते तो जनता कांग्रेस को सबक सिखाने का कार्य अवश्य करेगी।

बिहार में हाल ही में हो रही आपराधिक घटनाओं के संदर्भ में विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए मनन मिश्रा ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव और कांग्रेस जिनके राज में 2005 से पहले बिहार की स्थिति यह थी कि कोई महिला, लड़की, बच्चा या आम नागरिक स्कूल जाने या बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करता था, वही लोग अब बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। यह वही जंगलराज था, जिसे जनता ने खारिज किया।

तेजस्वी पर तंज कसते हुए मनन मिश्रा ने कहा कि 'सूप हंसे तो हंसे, अब चलनी भी हंसे, जिसमें 77 छेद'। चुनाव नजदीक आने के कारण राजद और कांग्रेस द्वारा जानबूझकर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार को बदनाम किया जा सके। बिहार सरकार अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस पूरी तरह सक्रिय है और एक भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि जनता समझ चुकी है कि विपक्ष की चाल क्या है। सरकार सतर्क है, पुलिस एक्शन में है और समय रहते सभी साजिशों का पर्दाफाश होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बयान न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश की एकता और गरिमा पर भी सवाल उठाता है। हर नेता को अपने शब्दों का चयन समझदारी से करना चाहिए, विशेषकर जब वह उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों पर टिप्पणी कर रहा हो।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनन मिश्रा ने खड़गे के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मनन मिश्रा ने खड़गे के बयान को शर्मनाक और दुखद बताया है।
क्या खड़गे को माफी मांगनी चाहिए?
मनन मिश्रा ने कहा कि खड़गे को जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए।
बिहार में अपराध की स्थिति पर क्या कहा गया?
मनन मिश्रा ने कहा कि बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले नेता खुद जंगलराज का हिस्सा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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