खरगे ने केरल में यूडीएफ चुनाव अभियान की शुरुआत की, एलडीएफ और भाजपा पर कसा तंज

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खरगे ने केरल में यूडीएफ चुनाव अभियान की शुरुआत की, एलडीएफ और भाजपा पर कसा तंज

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल में यूडीएफ के चुनाव अभियान की शुरुआत की। उन्होंने एलडीएफ और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए, दावा किया कि राज्य में बदलाव की जरूरत है।

मुख्य बातें

खरगे का हमला: एलडीएफ और भाजपा पर गंभीर आरोप।
राज्य में बदलाव: खरगे का कहा, राज्य को नई दिशा की आवश्यकता है।
कर्ज की स्थिति: राज्य पर ६ लाख करोड़ रुपये का कर्ज।
ड्रग्स से जुड़ी समस्या: केरल में बढ़ती ड्रग्स की घटनाएं।
यूडीएफ का समर्थन: मतदाताओं से चुनाव में समर्थन की अपील।

कोझिकोड, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केरल में कांग्रेस-प्रेरित यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और भाजपा पर जोरदार हमला किया।

कोझिकोड में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ और भाजपा के बीच एक राजनीतिक समझौता है। उन्होंने कहा, “माकपा को दिया गया वोट वास्तव में भाजपा को ही लाभ पहुंचाता है।” खरगे ने यह भी दावा किया कि भाजपा कई सीटों पर कमजोर उम्मीदवार उतार रही है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस-नीत यूडीएफ को सत्ता से दूर रखना है।

उन्होंने कहा कि केरल में पिछले १० वर्षों से वामपंथी सरकार है, लेकिन अब राज्य में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार पर बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी और अन्य सामाजिक समस्याओं के लिए आरोप लगाया। खरगे ने सवाल उठाया कि एलडीएफ को राज्य को बदलने के लिए दस साल मिले, लेकिन उन्होंने क्या किया?

खरगे के अनुसार, राज्य पर लगभग ६ लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और प्रति व्यक्ति कर्ज १.७ लाख रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि राज्य में विकास के बजाय “शराब की दुकानों की संख्या बढ़ी है।”

कांग्रेस के अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था और प्रशासन की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स से जुड़े मामलों में केरल देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है, केवल पंजाब ही उससे आगे है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों की दयनीय हालत और बैकडोर नियुक्तियों का भी जिक्र किया।

सबरीमाला मुद्दे का उल्लेख करते हुए खरगे ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार पर मंदिर की परंपराओं की रक्षा न कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने गोल्ड स्मगलिंग मामलों में भी सरकार को घेरा।

उन्होंने “सिर्फ सुर्खियों में रहने वाले वादों” पर निशाना साधते हुए लियोनेल मेसी के केरल दौरे के दावे को भ्रामक बताया। इसके विपरीत, उन्होंने राहुल गांधी के उस वादे का उल्लेख किया जिसमें राज्य में फीफा मान्यता प्राप्त स्टेडियम बनाने की बात की गई है, जहां क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार और सुनील छेत्री जैसे खिलाड़ी खेल सकते हैं।

खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में अपने वादों को पूरा किया है। उन्होंने मतदाताओं से यूडीएफ को समर्थन देने की अपील करते हुए एक जवाबदेह सरकार और केरल के विकास को नई दिशा देने का भरोसा दिलाया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरगे ने केरल में क्या कहा?
खरगे ने एलडीएफ और भाजपा के बीच समझौते का आरोप लगाते हुए राज्य में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
एलडीएफ पर खरगे के आरोप क्या थे?
उन्होंने कहा कि एलडीएफ ने १० वर्षों में कुछ नहीं किया और राज्य की समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं।
खरगे ने किस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया?
उन्होंने कर्ज, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
क्या खरगे ने विकास के मुद्दे पर कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की बजाय शराब की दुकानों की संख्या बढ़ी है।
खरगे ने मतदाताओं से क्या अपील की?
उन्होंने यूडीएफ को समर्थन देने की अपील करते हुए एक जवाबदेह सरकार का वादा किया।
राष्ट्र प्रेस