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खातेगांव TI हत्याकांड: दो आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, गजेंद्र और धीरज के पैर में लगी गोली

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खातेगांव TI हत्याकांड: दो आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, गजेंद्र और धीरज के पैर में लगी गोली

सारांश

खातेगांव TI दिलीप पुरी हत्याकांड के दोनों आरोपी — गजेंद्र और धीरज — ने पुलिस हिरासत में हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें इंदौर रेफर किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही पुरी की पत्नी को ₹1 करोड़ और सरकारी नौकरी का ऐलान कर चुके हैं।

मुख्य बातें

खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की शराब तस्करी रोकते समय ट्रक से कुचलकर हत्या की गई थी।
मुख्य आरोपी ट्रक चालक गजेंद्र को अलीराजपुर से और सहआरोपी धीरज को अलग स्थान से गिरफ्तार किया गया था।
दोनों आरोपियों ने पुलिस हिरासत में हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी।
दोनों घायलों को उपचार के लिए पहले देवास और फिर इंदौर रेफर किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलीप पुरी के परिजनों को ₹1 करोड़ सहायता और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति का ऐलान किया था।

मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई 4 नवंबर 2026 को भी जारी रही। इस सिलसिले में पकड़े गए दो आरोपियों — ट्रक चालक गजेंद्र और सहआरोपी धीरज — का शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें दोनों के पैर में गोली लगी और दोनों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

घटना के अनुसार, देवास जिले की पुलिस को शराब से भरे एक ट्रक की सूचना मिली थी, जिसे रोकने का प्रयास किया जा रहा था। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने ट्रक चालक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उन्हें ट्रक से कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस जघन्य घटना के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

गजेंद्र का एनकाउंटर: क्या हुआ

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के अनुसार, मुख्य आरोपी ट्रक चालक गजेंद्र को अलीराजपुर से गिरफ्तार कर देवास लाया जा रहा था। रास्ते में कार का पहिया पंचर हो गया और मरम्मत के दौरान गजेंद्र ने लघुशंका का बहाना बनाया। इसके बाद उसने पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में गजेंद्र के पैर में गोली लगी और उसे उपचार के लिए पहले देवास और फिर इंदौर रेफर किया गया।

सहआरोपी धीरज का मामला

नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने बताया कि सहआरोपी धीरज ने नोट प्रेस थाना क्षेत्र के निकट पुलिस का हथियार छीनकर हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में धीरज के पैर में भी गोली लगी। उसे भी उपचार के लिए देवास अस्पताल भेजा गया, और बाद में इंदौर रेफर कर दिया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया और परिवार को सहायता

दिलीप पुरी की हत्या के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुरी के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति का ऐलान किया था। गौरतलब है कि यह मामला पुलिस बल के मनोबल और कर्तव्य के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाता है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों का उपचार इंदौर में जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। एनकाउंटर की परिस्थितियों की जाँच भी की जा रही है। इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश अभी भी जारी बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मृत अधिकारी की पत्नी को सीधे उप निरीक्षक नियुक्त करने का फैसला भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाता है, भले ही भावनात्मक रूप से यह उचित कदम लगे। असली परीक्षा यह होगी कि क्या पूरी जाँच पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या कैसे हुई?
थाना प्रभारी दिलीप पुरी देवास जिले में शराब से भरे एक ट्रक को रोकने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान ट्रक चालक ने उन्हें ट्रक से कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना मध्य प्रदेश में पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई।
शॉर्ट एनकाउंटर में कौन से दो आरोपी घायल हुए?
ट्रक चालक गजेंद्र और सहआरोपी धीरज — दोनों के पैर में गोली लगी। गजेंद्र ने अलीराजपुर से देवास ले जाते समय पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग की, जबकि धीरज ने नोट प्रेस थाना क्षेत्र के पास हथियार छीनकर भागने की कोशिश की।
दोनों घायल आरोपियों का उपचार कहाँ हो रहा है?
दोनों आरोपियों को पहले देवास अस्पताल भेजा गया और बाद में इंदौर रेफर कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों का उपचार जारी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलीप पुरी के परिवार के लिए क्या घोषणाएँ की?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलीप पुरी के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति का ऐलान किया। ये घोषणाएँ हत्याकांड के तुरंत बाद की गई थीं।
इस मामले में पुलिस की आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों के ठीक होने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। एनकाउंटर की परिस्थितियों की जाँच भी की जा रही है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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