क्या किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का फैसला राजनीतिक दल या संगठन करे, यह उचित है?: पप्पू यादव

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क्या किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का फैसला राजनीतिक दल या संगठन करे, यह उचित है?: पप्पू यादव

सारांश

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का फैसला राजनीतिक दल नहीं कर सकते। साथ ही, उन्होंने कोर मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। जानें पप्पू यादव का क्या कहना है!

Key Takeaways

  • किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का निर्णय व्यक्तिगत होना चाहिए।
  • आरएसएस प्रमुख के बयान पर पप्पू यादव की तीखी प्रतिक्रिया।
  • महागठबंधन में एकजुटता का संदेश।
  • भाजपा पर चुनावी छलावा करने का आरोप।
  • राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना।

पटना, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के 'तीन बच्चे पैदा करने' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का फैसला कोई राजनीतिक दल या संगठन करे, यह उचित नहीं है

पप्पू यादव ने कहा, “आरएसएस को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन ऐसा ही सबके पास भी है। मुझे लगता है कि हमें जागरूकता और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शिक्षा और अर्थव्यवस्था में लोग स्वाभाविक रूप से प्रगति कर रहे हैं। अधिकतम दो बच्चे ही ठीक हैं। किसी पर बोझ डालने की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बयान पर भी हमला किया। उन्हें 'भाजपा की बी टीम' करार देते हुए कहा, “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचेगी। कांग्रेस भारत की स्वाभाविक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, जो हर जाति, समुदाय और धर्म का प्रतिनिधित्व करती है।”

साथ ही, राजद नेता तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मीडिया से कहा, “आप परेशान क्यों हैं? महागठबंधन में हम एकजुट हैं। तेजस्वी यादव हमारे शीर्ष नेता हैं और हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। महागठबंधन में कोई मतभेद नहीं है और सभी दल एक साथ मजबूती से आगे बढ़ेंगे।”

पप्पू यादव ने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश के मजदूरों और गरीबों का भविष्य उनके नेतृत्व में सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व को देश ने स्वीकार कर लिया है। भाजपा के संस्कार में बिहार के डीएनए को गाली देना है। बिहारी पहले गुजरात में पीटे जाते थे, अब महाराष्ट्र और असम में पिट रहे हैं।”

उन्होंने भाजपा पर चुनावी मौसम में 'लॉलीपॉप' बांटने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ नफरत की राजनीति करते हैं। चुनाव आते ही ये लोग जनता से तमाम वादे करेंगे और चुनाव खत्म होने के बाद केवल छलावा करना इनका हथियार है। उन्होंने दावा किया, "जनता का रुझान बताता है कि बिहार में परिवर्तन तय है।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि पप्पू यादव का बयान समाज के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों की संख्या पर निर्णय लेने में व्यक्तिगत स्वतंत्रता होनी चाहिए। यह मुद्दा न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक भी है। सभी राजनीतिक दलों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हमें समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

क्या किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का फैसला राजनीतिक दल कर सकते हैं?
नहीं, किसी व्यक्ति के बच्चों की संख्या का निर्णय व्यक्तिगत होना चाहिए और इसे राजनीतिक दलों या संगठनों द्वारा निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए।
पप्पू यादव ने केजरीवाल के बारे में क्या कहा?
पप्पू यादव ने अरविंद केजरीवाल को 'भाजपा की बी टीम' करार दिया है।
महागठबंधन में क्या एकजुटता है?
पप्पू यादव के अनुसार, महागठबंधन में सभी दल एकजुट हैं और वे मिलकर चुनाव लड़ेंगे।