17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गर्मियों में ठंडक और पोषण दोनों: कोकम शरबत, सोल कढ़ी समेत 10 देसी नेचुरल ड्रिंक्स

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गर्मियों में ठंडक और पोषण दोनों: कोकम शरबत, सोल कढ़ी समेत 10 देसी नेचुरल ड्रिंक्स

सारांश

बाज़ार के केमिकलयुक्त कोल्ड ड्रिंक्स से परे, भारत की रसोई में गर्मी का असली जवाब छुपा है — कोकम शरबत से लेकर सोल कढ़ी, आम पन्ना से लेकर बेल पना तक। ये 10 देसी पेय न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि विटामिन, प्रोबायोटिक्स और इलेक्ट्रोलाइट्स से शरीर को भीतर से पोषित भी करते हैं।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक प्राकृतिक पेयों का उल्लेख किया।
आम पन्ना में विटामिन सी , आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो लू से बचाते हैं।
कोकम शरबत और सोल कढ़ी कोंकण-गोवा के विशेष पेय हैं जो पाचन और त्वचा के लिए लाभकारी हैं।
सत्तू का शरबत बिहार-झारखंड का पारंपरिक पेय है जो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है।
दक्षिण भारत के पानकम , नीर मोर और सम्बारम आयुर्वेदिक गुणों से युक्त ग्रीष्मकालीन पेय हैं।
इन सभी देसी पेयों में कोई प्रिज़र्वेटिव या आर्टिफिशियल एडिटिव नहीं होता।

भारत के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप इस समय चरम पर है और 31 मई 2026 तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिलचिलाती धूप में शरीर को हाइड्रेटेड और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए बाज़ार के केमिकलयुक्त कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय देसी नेचुरल ड्रिंक्स कहीं बेहतर विकल्प साबित होते हैं। ये पेय न केवल शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं, बल्कि विटामिन, खनिज और प्रोबायोटिक्स जैसे ज़रूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देश के विभिन्न राज्यों में प्रचलित इन्हीं प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक पेयों का उल्लेख किया। ये पेय भारतीय रसोई की परंपरा से जन्मे हैं — इनमें कोई प्रिज़र्वेटिव या आर्टिफिशियल फ्लेवर नहीं होता।

उत्तर भारत के पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय

आम पन्ना कच्चे आमों से तैयार किया जाता है और गर्मियों में सर्वाधिक लोकप्रिय पेयों में से एक है। इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो लू से बचाव और पाचन सुधार में सहायक हैं।

लस्सी पंजाब और हरियाणा की पहचान है। दही से बनी यह गाढ़ी पेय प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और गर्मी में ऊर्जा का स्तर बनाए रखती है।

छाछ राजस्थान और गुजरात सहित पूरे देश में भोजन के साथ पी जाती है। इसमें विटामिन बी12, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आँतों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं।

सत्तू का शरबत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश का पारंपरिक पेय है। सत्तू से निर्मित यह शरबत प्रोटीन, फाइबर और खनिजों का प्राकृतिक स्रोत है — यह पेट को भरा रखता है और थकान दूर करता है।

कोंकण और गोवा के विशेष पेय

कोकम शरबत कोंकण तट और गोवा की खास देन है। कोकम फल से तैयार इस शरबत में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं। यह पाचन सुधारता है, त्वचा के लिए फायदेमंद है और तेज़ गर्मी में शरीर को राहत देता है।

सोल कढ़ी कोकम और ताज़े नारियल के दूध के अनूठे मेल से बनती है। यह पेय पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और शरीर को भीतर से ठंडक पहुँचाती है — स्वाद और सेहत दोनों का संगम।

दक्षिण भारत के आयुर्वेदिक ग्रीष्मकालीन पेय

पानकम दक्षिण भारत का पारंपरिक आयुर्वेदिक पेय है जो गुड़, सोंठ, काली मिर्च और इलायची से तैयार होता है। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, पाचन में सहायक है और गर्मी में तरोताज़गी बनाए रखता है।

नीर मोर तमिलनाडु का लोकप्रिय पेय है जो दही, पानी और हल्के मसालों से बनाया जाता है। यह शरीर को ठंडक देता है, पाचन बेहतर करता है और गर्मियों में ताज़गी का एहसास कराता है।

सम्बारम दही, करी पत्ता, अदरक और मसालों से तैयार दक्षिण भारतीय पेय है। यह इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, डिहाइड्रेशन से बचाता है और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

पूर्वी भारत का बेल पना

बेल पना ओडिशा का प्रिय ग्रीष्मकालीन पेय है। बेल के फल से बना यह शरबत गर्मी में तुरंत राहत देता है और पेट की समस्याओं — जैसे अपच और एसिडिटी — में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

क्यों चुनें देसी पेय, बाज़ारू ड्रिंक्स नहीं

यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब पैकेज्ड कोल्ड ड्रिंक्स में अत्यधिक शुगर और आर्टिफिशियल एडिटिव्स को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। ये सभी देसी पेय घर की रसोई में बिना किसी बड़े खर्च के तैयार किए जा सकते हैं और इनमें कोई रासायनिक तत्व नहीं होता। आने वाले महीनों में जैसे-जैसे गर्मी और बढ़ेगी, इन पारंपरिक पेयों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना स्वास्थ्य के लिहाज़ से एक समझदारी भरा कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन्हें पूरक पेय के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि चिकित्सीय उपचार के विकल्प के रूप में। फिर भी, रासायनिक पेयों की तुलना में ये निश्चित रूप से बेहतर विकल्प हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गर्मियों में सबसे फायदेमंद देसी ड्रिंक कौन सा है?
गर्मियों में आम पन्ना, छाछ और सत्तू शरबत सबसे फायदेमंद देसी पेयों में गिने जाते हैं क्योंकि ये इलेक्ट्रोलाइट्स, प्रोटीन और विटामिन सी से भरपूर होते हैं। ये शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और लू से बचाव करते हैं।
कोकम शरबत के क्या फायदे हैं?
कोकम शरबत कोंकण और गोवा का पारंपरिक पेय है जो विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह पाचन सुधारता है, गर्मी में ठंडक देता है और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
सोल कढ़ी क्या है और इसे कैसे बनाते हैं?
सोल कढ़ी कोकम और ताज़े नारियल के दूध से बनाई जाने वाली पारंपरिक पश्चिमी तटीय भारतीय ड्रिंक है। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और शरीर को ठंडक पहुँचाती है।
सत्तू का शरबत किन राज्यों में पिया जाता है?
सत्तू का शरबत मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश का पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय है। यह प्रोटीन, फाइबर और खनिजों से भरपूर होता है और पेट को देर तक भरा रखता है।
दक्षिण भारत के गर्मियों के पारंपरिक पेय कौन से हैं?
दक्षिण भारत में पानकम, नीर मोर और सम्बारम प्रमुख ग्रीष्मकालीन पेय हैं। पानकम गुड़ और मसालों से, नीर मोर दही और मसालों से, तथा सम्बारम दही, करी पत्ता और अदरक से बनाया जाता है — ये सभी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर और डिहाइड्रेशन-रोधी हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले