कोलकाता मेट्रो का 42 साल में पहला रिकॉर्ड: 21 जून को सुबह 4 बजे से चलेंगी ट्रेनें, योग दिवस पर PM मोदी का कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता मेट्रो अपने 42 वर्षों के इतिहास में पहली बार 21 जून 2026 को सुबह 4 बजे से सेवाएं शुरू करेगी — यह असाधारण कदम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रेड रोड, कोलकाता पर आयोजित विशाल कार्यक्रम में शामिल होने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और राज्य कैबिनेट के सभी सदस्य भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, ब्लू लाइन, ग्रीन लाइन और येलो लाइन — तीनों सेक्शन पर सुबह 4 बजे से सेवाएं आरंभ हो जाएंगी। सुबह 4 बजे से 8 बजे के बीच दोनों दिशाओं में 14-15 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलेंगी। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब कोलकाता मेट्रो इतनी सुबह परिचालन शुरू कर रही है।
ब्लू लाइन पर विशेष सेवाएं
शहर की सबसे पुरानी और सर्वाधिक लोकप्रिय ब्लू लाइन पर रविवार को सामान्यतः 152 सेवाएं चलती हैं, किंतु 21 जून को कुल 214 सेवाएं (107 अप और 107 डाउन) संचालित की जाएंगी। दक्षिणेश्वर से शहीद खुदीराम, नोआपाड़ा से शहीद खुदीराम, महानायक उत्तम कुमार से शहीद खुदीराम, और इन मार्गों की वापसी सेवाएं सभी सुबह 4 बजे से शुरू होंगी। यात्री पार्क स्ट्रीट या एस्प्लेनेड स्टेशन पर उतरकर पैदल रेड रोड तक पहुंच सकते हैं।
ग्रीन लाइन पर भी बढ़ेंगी सेवाएं
हावड़ा मैदान से साल्ट लेक सेक्टर-5 के बीच संचालित ग्रीन लाइन पर रविवार की सामान्य 108 सेवाओं के स्थान पर 173 सेवाएं (87 अप और 86 डाउन) चलाई जाएंगी। इस सेक्शन पर सुबह 4 बजे से 9 बजे के बीच 15 मिनट और 10 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी। एस्प्लेनेड स्टेशन से यात्री सीधे रेड रोड कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकते हैं।
नीट यूजी 2026 परीक्षार्थियों के लिए भी राहत
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नीट यूजी 2026 के अभ्यर्थियों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए दिन में बाद में भी विशेष मेट्रो सेवाएं जारी रखी जाएंगी। इस प्रकार एक ही दिन दो बड़े आयोजनों के मद्देनज़र मेट्रो का परिचालन ढांचा तैयार किया गया है।
आम जनता पर असर और आगे की तैयारी
यह ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर कोलकाता में व्यापक उत्साह है और आस-पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। कई संगठनों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेने की घोषणा की है। मेट्रो की यह विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि सेंट्रल कोलकाता में यातायात का दबाव न्यूनतम रहे और अधिकतम लोग कार्यक्रम स्थल तक सुगमता से पहुंच सकें।