क्या कुल्लू में भूस्खलन से इमारत ढह गई? दो लोग मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सारांश
मुख्य बातें
कुल्लू, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के इनर अखाड़ा बाजार में एक भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई। इस दुःखद घटना में एक दो मंजिला मकान पूरी तरह से ढह गया, जिसमें दो लोग मलबे में दब गए। घटना के बाद से एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी से गिरते मलबे ने रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बुधवार दोपहर तक मलबे में दबे लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
घटना के समय मकान में दो अलग-अलग कमरों में एक एनडीआरएफ जवान और दो कश्मीरी मजदूर मौजूद थे। इनमें से फरहिद नामक एक मजदूर ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन उसका साथी और एनडीआरएफ जवान मलबे में फंस गए। फरहिद ने बताया, "हम सोने की तैयारी कर रहे थे कि अचानक जोरदार आवाज आई और पत्थर गिरने लगे। मैं घबराकर किचन की खिड़की से कूद गया, लेकिन अपने साथी को नहीं बचा सका।"
स्थानीय निवासी कार्तिक चौधरी ने हादसे का मंजर बयां करते हुए कहा, "रात करीब 12 बजे तेज आवाज के साथ पहाड़ी दरकी और कुछ ही पलों में मकान मलबे में बदल गया।" उन्होंने कहा कि बारिश के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
एनडीआरएफ इंस्पेक्टर योगराज ने कहा, "हमें रात 11:30 बजे सूचना मिली थी। हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन बारिश और मलबे का खतरा ऑपरेशन को जटिल बना रहा है। हम दबे हुए लोगों को निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।"
कुल्लू की उपायुक्त तोरुल एस. रविश ने बताया कि घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। आसपास के घरों को खाली करा लिया गया है ताकि कोई और हादसा न हो। उन्होंने कहा, "एक कश्मीरी मजदूर और एक एनडीआरएफ जवान अभी लापता हैं। हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं।"
लगातार बारिश ने कुल्लू और आसपास के इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है। कई सड़कें बंद हैं, और लोग अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
दूसरी तरफ मंडी में भी भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई, जिसमें छह लोग की मौत हो गई।