पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र से पूर्व कुलतार सिंह संधवां ने गुरुद्वारे में की अरदास
सारांश
Key Takeaways
- कुलतार सिंह संधवां ने खालसा पंथ के स्थापना दिवस पर अरदास की।
- विशेष सत्र में गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़ा विधेयक पेश होगा।
- पंजाब सरकार की पहल से अपमान की घटनाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने विशेष सत्र के आरंभ से पूर्व मोहाली में स्थित गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में मत्था टेका और अरदास की। उन्होंने प्रदेशवासियों को खालसा पंथ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष ने गुरु साहिब से प्रार्थना की कि वे सदैव सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें।
बुधवार को, कुलतार सिंह संधवां अपनी पत्नी के साथ गुरुद्वारा श्री अंब साहिब पहुंचे। खालसा पंथ के स्थापना दिन पर उन्होंने गुरुद्वारा में शीश नवाया और सभी के कल्याण के लिए विनम्र अरदास की। उन्होंने यह भी कामना की कि गुरु साहिब समस्त संगत और सभी पंजाबियों को चढ़दी कला (ऊंचे मनोबल) का आशीर्वाद दें।
कुलतार सिंह संधवां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। पंजाब विधानसभा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अपमान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सख्त कानून पारित करके दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। संगत की भावनाओं का सम्मान करते हुए, न्याय की दिशा में उठाया गया यह कदम आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।"
ज्ञात रहे कि पंजाब सरकार ने सोमवार को विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया है। इसमें 'जगत ज्योति गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026' पेश किया जाएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी।
इस पहल का उद्देश्य पिछले एक दशक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान से जुड़ी लगभग 600 घटनाओं का समाधान करना है। इस विधेयक के पंजाब विधानसभा में आसानी से पारित होने की उम्मीद है, लेकिन इसे राज्यपाल और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के मामले में एक बड़ी बाधा का सामना करना पड़ सकता है।