मध्य प्रदेश में 28 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचेगा बोत्सवाना से आठ चीते

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मध्य प्रदेश में 28 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचेगा बोत्सवाना से आठ चीते

सारांश

मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ नए चीते आने वाले हैं। यह परियोजना चीता की आबादी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानें इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी।

Key Takeaways

  • कुनो नेशनल पार्क में 28 फरवरी को आठ चीते आएंगे।
  • यह ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट का तीसरा चरण है।
  • चीते विशेष विमान से लाए जाएंगे।
  • उन्हें क्वारंटाइन में रखा जाएगा।
  • कुनो में पहले से चीता आबादी बढ़ रही है।

भोपाल, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। 28 फरवरी को बोत्सवाना से मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो नेशनल पार्क में आठ और चीते आने वाले हैं।

भारत के ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट 'चीता' के अंतर्गत अफ्रीका से कुनो नेशनल पार्क में तीसरी बार बड़ी संख्या में बसावट होने जा रही है। इस बार आठ चीते आएंगे, जिनमें छह मादा और दो नर शामिल हैं। इसका उद्देश्य पुनः चीता की आबादी को मजबूत करना है।

अधिकारियों के अनुसार, चीते विशेष विमान से भारत लाए जाएंगे और फिर ग्वालियर से कुनो तक दो भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाए जाएंगे। हेलिकॉप्टर सुबह 8.30 बजे रवाना होंगे और लगभग 9.30 बजे कुनो लैंड करेंगे।

पार्क में ऑपरेशन के लिए पाँच हेलीपैड तैयार किए गए हैं। इस पूरे अभियान को वैज्ञानिक और पशु चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार संचालित किया जाएगा।

आगमन पर, चीते अनिवार्य इमिग्रेशन, कस्टम और वेटरनरी जांच के बाद सुरक्षा मंजूरी के लिए भी गुजरेंगे। इसके बाद उन्हें विशेष रूप से तैयार किए गए पिंजड़ों में लगभग एक महीने के क्वारंटाइन पीरियड के लिए रखा जाएगा ताकि वे पर्यावरण के अनुसार ढल सकें और स्वास्थ्य निगरानी की जा सके।

कुनो नेशनल पार्क में पहले से ही चीता आबादी बढ़ रही है। 2022 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी।

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीते में से आठ कुनो में स्वस्थ हैं, जबकि तीन को गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया। दक्षिण अफ्रीकी मूल की मादाओं से जन्मे दस शावक जीवित हैं।

कुनो में पैदा हुई पहली वयस्क मादा मुखी ने पाँच शावक दिए हैं। दूसरी मादा गामिनी ने दो बार जन्म दिया। पहले के तीन शावक स्वस्थ हैं और हाल ही में उसने तीन और शावक दिए। एक अपने 13 महीने के शावक के साथ खुले जंगल में घूम रही है, जबकि निर्वा नाम की चीता अपने तीन 10 महीने के शावकों को संरक्षित पिंजरे में पाल रही है।

Point of View

बल्कि यह भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी सुदृढ़ करेगी। स्थानीय समुदायों के लिए यह एक सकारात्मक विकास हो सकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

कब और कहाँ चीते आने वाले हैं?
28 फरवरी को बोत्सवाना से मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीते आएंगे।
चीते कितने और किस प्रकार के होंगे?
इस बार आठ चीते आएंगे, जिनमें छह मादा और दो नर शामिल हैं।
चीते भारत कैसे लाए जाएंगे?
चीते विशेष विमान से लाए जाएंगे और फिर ग्वालियर से हेलिकॉप्टर द्वारा कुनो तक पहुंचाए जाएंगे।
चीते के आगमन के बाद उनकी देखभाल कैसे होगी?
आगमन के बाद चीते को क्वारंटाइन किया जाएगा और विशेष इमिग्रेशन और कस्टम जांच से गुजरना होगा।
कुनो नेशनल पार्क में पहले से कितने चीते हैं?
कुनो में पहले से चीता आबादी बढ़ रही है, जिसमें पिछले साल लाए गए 12 चीते शामिल हैं।
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