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क्या जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश विफल हुई?

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क्या जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश विफल हुई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन पिंपल' के तहत दो आतंकवादियों को मार गिराया। यह ऑपरेशन पाकिस्तान से घुसपैठ की बड़ी कोशिश को नाकाम करने के लिए चलाया गया था। जानें इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ऑपरेशन 'पिंपल' के तहत दो आतंकवादी ढेर किए गए।
कुपवाड़ा क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिशें नाकाम की गईं।
भारतीय सेना की खुफिया जानकारी महत्वपूर्ण साबित हुई।
बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
सर्दियों से पहले आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं।

श्रीनगर, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को विफल कर दिया। भारतीय सेना के जवानों ने ऑपरेशन 'पिंपल' के तहत दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। अब इलाके की तलाशी जारी है।

चिनार कॉर्प्स के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से शनिवार सुबह 7:10 बजे पोस्ट कर 'ऑपरेशन पिंपल' की जानकारी दी गई। पोस्ट में बताया गया, "7 नवंबर को एजेंसियों से मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त अभियान शुरू किया गया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दी, जिसके बाद आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। संपर्क स्थापित होने के बाद आतंकवादियों को घेर लिया गया और ऑपरेशन जारी रखा गया।"

सुबह 8:15 बजे एक अन्य अपडेट पोस्ट में बताया गया, "चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। इलाके की तलाशी जारी है।"

सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन 'पिंपल' पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से आने वाले आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने के लिए लॉन्च किया गया है। कुपवाड़ा जिला एलओसी के करीब स्थित है और लंबे समय से घुसपैठ का हॉटस्पॉट रहा है।

खुफिया सूत्रों का कहना है कि ये आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़े हो सकते हैं, जो सर्दियों से पहले घुसपैठ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

2025 में अब तक कुपवाड़ा और बारामूला सेक्टरों में घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम की जा चुकी हैं। इससे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों पर हमले किए थे, जिसके बाद सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है।

इलाके में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है। संभावित हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी की उम्मीद है।

सर्दियों में बर्फबारी से पहले आतंकी संगठन घुसपैठियों को धकेलने की होड़ में हैं, लेकिन भारतीय सेना की खुफिया नेटवर्क और ड्रोन निगरानी ने इन्हें विफल कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय सेना ने देश की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। कुपवाड़ा में सफल ऑपरेशन से यह स्पष्ट होता है कि हमारे सुरक्षा बल किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह घटना एक बार फिर से हमारे सुरक्षा तंत्र की मजबूती और उच्चतम स्तर की खुफिया जानकारी पर निर्भरता को दर्शाती है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन 'पिंपल' का उद्देश्य क्या है?
ऑपरेशन 'पिंपल' का उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों को रोकना है।
कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिशें क्यों होती हैं?
कुपवाड़ा क्षेत्र लंबे समय से घुसपैठ का हॉटस्पॉट रहा है, जहां आतंकवादी गतिविधियों की संभावनाएँ बढ़ती हैं।
इस ऑपरेशन में कितने आतंकवादी ढेर किए गए?
'ऑपरेशन पिंपल' के तहत दो आतंकवादियों को मार गिराया गया।
भारतीय सेना की खुफिया नेटवर्क की भूमिका क्या है?
भारतीय सेना की खुफिया नेटवर्क ने आतंकवादियों की गतिविधियों की पहचान करने और उन्हें विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या इस ऑपरेशन में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
हां, क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है, जिससे और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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