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महाराष्ट्र में आईएएस अधिकारी के निलंबन से छिड़ा राजनीतिक विवाद

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महाराष्ट्र में आईएएस अधिकारी के निलंबन से छिड़ा राजनीतिक विवाद

सारांश

महाराष्ट्र में आईएएस अधिकारी के निलंबन ने सत्ताधारी गठबंधन में उठाए गंभीर सवाल। जानिए इस घटनाक्रम का राजनीतिक असर।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का निलंबन राजनीतिक विवाद का कारण बना।
आईएएस अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना गया।
सत्ताधारी गठबंधन में शक्ति समीकरणों पर सवाल उठे हैं।
भाजपा ने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया है।

मुंबई, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) के सदस्य सचिव (आईएएस) के निलंबन ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद उत्पन्न कर दिया है। यह मुद्दा सत्ताधारी गठबंधन के भीतर की शक्ति समीकरणों पर गहरा ध्यान आकर्षित कर रहा है।

एमपीसीबी की अध्यक्षता एकनाथ शिंदे द्वारा चलायी जा रही शिवसेना के सिद्धेश कदम कर रहे हैं, जबकि यह पर्यावरण विभाग के अधीन आता है, जिसका नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता पंकजा मुंडे कर रही हैं।

गुरुवार शाम को, कार्यवाहक अध्यक्ष दिलीप लांडे ने एमपीसीबी के दो अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। मुंडे ने विधानसभा को बताया कि वे उनकी बुलाई गई ब्रीफिंग में उपस्थित नहीं हुए थे। लांडे ने अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही और महाराष्ट्र की जनता के प्रति अनादर करार दिया, जिसके चलते निलंबन का आदेश जारी किया गया।

निलंबित अधिकारियों में आईएएस अधिकारी एम. देवेंद्र सिंह (सदस्य सचिव) और संयुक्त निदेशक सतीश पडवाल शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, आदेश जारी होने के एक दिन से भी कम समय में निलंबन की सिफारिश वाली फाइल मुख्यमंत्री के समक्ष अनुमोदन के लिए रखी गई थी।

निर्णय के बारे में पूछे जाने पर लांडे ने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि वे केवल कार्यवाहक अध्यक्ष थे। उन्होंने कहा, "मैं अध्यक्ष की कुर्सी पर था और मंत्री के आदेशों का पालन न करने के कारण कार्रवाई की गई।"

मुंडे ने गुरुवार शाम को विधानसभा में चंद्रपुर जिले में प्रदूषण पर आधे घंटे की चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि अधिकारी उनके द्वारा आयोजित ब्रीफिंग में उपस्थित नहीं हुए थे।

शुक्रवार को भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने एमपीसीबी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने मंत्री के निर्देशों का पालन नहीं किया।

सिद्धेश कदम पूर्व मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम के पुत्र हैं और राज्य मंत्री योगेश कदम के भाई हैं। उनसे टिप्पणी के लिए बार-बार संपर्क करने के प्रयास असफल रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जनहित की अनदेखी हो रही है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएएस अधिकारी का निलंबन क्यों हुआ?
आईएएस अधिकारी का निलंबन इसलिए हुआ क्योंकि वे मंत्री द्वारा बुलाई गई ब्रीफिंग में उपस्थित नहीं हुए थे, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया।
इस निलंबन का राजनीतिक असर क्या होगा?
यह निलंबन सत्ताधारी गठबंधन के भीतर की शक्ति समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और भविष्य में राजनीतिक विवाद बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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