क्या दिल्ली के बाद पंजाब की सत्ता से बेदखल होंगे अरविंद केजरीवाल?

सारांश
Key Takeaways
- अरविंद केजरीवाल की सत्ता में गिरावट के संकेत।
- भाजपा की आलोचनात्मक प्रतिक्रिया।
- राहुल गांधी की यात्रा पर विवाद।
- लोकतंत्र में जनता की अपेक्षाएँ बदल रही हैं।
- सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को पार्टी के सभी विधायकों, निगम पार्षदों और पूर्व प्रत्याशियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक पर भाजपा ने कटाक्ष किया है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के बाद अब पंजाब की सत्ता से भी बेदखल होने वाले हैं।
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अरविंद केजरीवाल अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं और उन्हें यह समझ में आ गया है कि दिल्ली के बाद पंजाब भी उनके हाथ से निकल रहा है। इसीलिए उनकी मीटिंग में कई विधायक और पार्षद भी उपस्थित नहीं हुए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा को धोखा यात्रा करार देते हुए वीरेंद्र सचदेवा ने तीखा हमला किया।
उन्होंने उस घटना को शर्मनाक बताया जिसमें पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। सचदेवा ने कहा कि राहुल गांधी को शर्म आनी चाहिए कि उनकी यात्रा के दौरान भाषा की मर्यादा का उल्लंघन हुआ। अब उनके प्रवक्ता बहाने बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गंभीरता से यह सवाल उठाया जाना चाहिए कि क्या ऐसे लोग समाज में रहने के लायक हैं। इस पर विचार करना चाहिए।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का उपयोग, इंडी गठबंधन की हताशा और नैतिक दिवालियापन को उजागर करता है। यह केवल पीएम मोदी का नहीं, बल्कि हर भारतीय का अपमान है। यह बिहार का भी अपमान है। बिहार की धरती संस्कारों और मर्यादा के लिए जानी जाती है। इस धरती के लोग ऐसे अपमान को कभी सहन नहीं करेंगे। देश की जनता और बिहार की जनता इसका जवाब अवश्य देगी।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' सासाराम से शुरू होकर पटना के गांधी मैदान में एक सभा के साथ समाप्त होगी।