2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अयोध्या की गलियों के नाम बदलने की मांग उचित है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अयोध्या की गलियों के नाम बदलने की मांग उचित है?

सारांश

भाजपा नेता डॉ. रामविलास वेदांती ने अयोध्या की गलियों के नाम बदलने की मांग की है, ताकि राम की नगरी में राम से संबंधित नाम हों। क्या यह मांग उचित है? जानिए उनकी सोच और इसके पीछे की भावनाएँ।

मुख्य बातें

अयोध्या की गलियों के नाम बदलने की मांग पर विचार हो रहा है।
रामविलास वेदांती ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है।
यह मांग धार्मिक भावनाओं से जुड़ी हुई है।
अन्य शहरों में भी नाम बदलने की आवश्यकता बताई गई है।
सामाजिक सद्भावना के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

अयोध्या, 29 नवम्बर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि अयोध्या की उन सड़कों के नाम बदल दिए जाएं, जो मुस्लिम नामों पर आधारित हैं।

डॉ. रामविलास वेदांती ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अब बन चुका है और वहां पर भगवा ध्वज भी लहरा रहा है। जो भावनाएँ लोगों ने संजोकर रखी थीं, उन्हें 25 नवंबर को सभी के सामने प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि राम की नगरी में राम और उनके पूर्वजों से जुड़े नामों वाली गलियाँ होनी चाहिए। यहाँ राजा दिलीप, राजा रघु, और राजा दशरथ के नाम पर गलियाँ होनी चाहिए। अन्य किसी राम विरोधी व्यक्ति के नाम पर गली का नाम नहीं होना चाहिए।

उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन किया है कि अयोध्या की गलियों के नामों का पुनरावलोकन किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लोग अयोध्या में प्रवेश कर चुके हैं। वर्तमान में, जब लोग अयोध्या आते हैं, तो वे भ्रमित हो जाते हैं कि वे कहाँ आ गए हैं।

डॉ. रामविलास वेदांती ने यह भी कहा कि वाराणसी के मोहल्लों के नामों में भी बदलाव होना चाहिए, क्योंकि वहाँ भी इस्लामीकरण हुआ है। वहाँ भोले, और शिव के नाम पर गलियाँ होनी चाहिए। आजमगढ़ का नाम आर्यनगर, गाजीपुर का नाम विश्वामित्र नगर होना चाहिए। गाजियाबाद का नाम भगवान शंकराचार्य के नाम पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बस्ती जिले का नाम गुरु वशिष्ठ नगर होना चाहिए, जबकि शाहजहांपुर का नाम परशुरामपुर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश और विदेश में सामाजिक सद्भावना के लिए काम किया जाना चाहिए, लेकिन जब कांग्रेस की सरकार आई, तो उन्होंने सामाजिक सद्भावना को पीछे छोड़ दिया और सामाजिक दुर्भावना पैदा करने वाले कार्य किए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि अयोध्या की गलियों के नाम बदलने की मांग एक संवेदनशील मुद्दा है। यह न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इस मुद्दे पर विचार करते समय हमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या में सड़कों के नाम बदलने की मांग क्यों की जा रही है?
भाजपा नेता डॉ. रामविलास वेदांती का मानना है कि अयोध्या में राम से संबंधित नामों की आवश्यकता है।
क्या यह मांग राजनीतिक है?
यह मांग धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं से जुड़ी है, लेकिन इसके राजनीतिक पहलू भी हैं।
क्या अन्य शहरों में भी नाम बदलने की मांग की गई है?
जी हाँ, डॉ. वेदांती ने वाराणसी और अन्य शहरों में भी नाम बदलने की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले