29 जुलाई 2026
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क्या आजादी के 75 साल बाद भी बेटियां दहेज जैसी कुप्रथा का शिकार हो रही हैं? : विजया रहाटकर

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क्या आजादी के 75 साल बाद भी बेटियां दहेज जैसी कुप्रथा का शिकार हो रही हैं? : विजया रहाटकर

सारांश

क्या आजादी के 75 साल बाद भी बेटियां दहेज जैसी कुप्रथा का शिकार हो रही हैं? विजया रहाटकर की यह टिप्पणी एक गंभीर मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करती है। आइए जानते हैं इस घटना के बारे में और इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं!

मुख्य बातें

दहेज प्रथा आज भी एक गंभीर समस्या है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
समाज की सोच को बदलने की आवश्यकता है।
कड़े कानून बने हैं, लेकिन उनका सही पालन जरूरी है।
सभी को मिलकर इस कुप्रथा के खिलाफ खड़ा होना होगा।

नई दिल्‍ली, 25 अगस्‍त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की प्रमुख विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दहेज के लिए विवाहिता निक्की को जिंदा जलाने की घटना को निंदनीय बताया।

उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आजादी के 75 साल के बाद भी हमारी बेटियां दहेज जैसी कुप्रथा का शिकार हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह घटना केवल हत्या नहीं है, बल्कि यह समस्त समाज को झकझोरने वाली त्रासदी है। अगर हमारी बेटियां आजादी के इतने सालों बाद भी दहेज के लिए प्रताड़ित हो रही हैं, तो इससे बुरी बात कोई नहीं हो सकती। मैं इस घटना की निंदा करती हूं। ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं।

विजया रहाटकर ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को तुरंत पत्र लिखा है। हमने अनुरोध किया है कि इस घटना की तत्काल जांच की जाए और आरोपी पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। आयोग इस मामले की निगरानी करेगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के प्रयास में रहेगा।

उन्‍होंने कहा कि दहेज के खिलाफ कड़े कानून बने हैं जिन्हें ठीक से लागू किया जा रहा है। लेकिन समाज की सोच को बदलने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

यह उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा में निक्की हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पति विपिन भाटी, सास, ससुर और जेठ शामिल हैं। इस घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने यूपी पुलिस को तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट सब्मिट करने के निर्देश दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि दहेज प्रथा जैसे सामाजिक मुद्दे हमारे देश की प्रगति में बाधा डाल रहे हैं। यह केवल एक कानूनी समस्या नहीं है, बल्कि हमें समाज की मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है। सभी को मिलकर इस कुप्रथा के खिलाफ खड़ा होना होगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजया रहाटकर ने इस मामले में क्या कहा?
विजया रहाटकर ने इस घटना को निंदनीय बताया और समाज की घटिया सोच को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या दहेज के खिलाफ कानून हैं?
हाँ, दहेज के खिलाफ कई कड़े कानून बने हैं जो इस प्रथा को रोकने के लिए बनाए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पति, सास, ससुर और जेठ शामिल हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग क्या कर रहा है?
राष्ट्रीय महिला आयोग इस मामले की निगरानी कर रहा है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के प्रयास कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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