क्या महागठबंधन 'जंगलराज' चाहता है और एनडीए 'रामराज' की ओर बढ़ रहा है?: शिवराज सिंह चौहान

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क्या महागठबंधन 'जंगलराज' चाहता है और एनडीए 'रामराज' की ओर बढ़ रहा है?: शिवराज सिंह चौहान

सारांश

क्या बिहार का चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई है या यह धर्म और अधर्म के बीच की जंग है? शिवराज सिंह चौहान के बयान से यह स्पष्ट होता है कि एनडीए और महागठबंधन के बीच का संघर्ष कितना गहरा है। जानिए इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

बिहार चुनाव एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।
महागठबंधन और एनडीए के बीच गहरी खाई है।
जनता को मंगलराज के लिए मतदान करना चाहिए।
बिहार को विकास की दिशा में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीति में नैतिकता और सत्यता आवश्यक है।

गोपालगंज, २४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को बिहार के दौरे पर बैकुण्ठपुर और गौराबौराम विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभा की और एनडीए प्रत्याशी के लिए वोट मांगे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महागठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बिहार का चुनाव एक साधारण चुनाव नहीं है, यह धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यहां राजद की सरकार में अपराधियों का बोलबाला था, और जंगलराज में आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं थी। आज भी राजद और महागठबंधन में कोई बदलाव नहीं आया है। राजद ने शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट देकर अपनी असली पहचान उजागर कर दी है।

उन्होंने आगे कहा कि महागठबंधन बिहार को फिर से उसी अंधेरे दौर में ले जाना चाहता है, जब राज्य में अपराध और गुंडागर्दी की भरमार थी। उनका इरादा बिहार में फिर से खून की नदियाँ बहाना है। वे जंगलराज चाहते हैं, जबकि एनडीए मंगलराज और रामराज की स्थापना करना चाहता है, जहाँ जनता का कल्याण और विकास हो।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने यूपीए सरकार के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब नौकरी के बदले में जमीनें ली जाती थीं। आज वही लोग कह रहे हैं कि वे हर घर में नौकरी देंगे। यह जनता है, जो सब जानती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे नेता ऐसे बाराती हैं जिनकी आधी बारात जेल में है और आधी बेल पर। पहले ही इतनी लूट की जा चुकी है कि अब वे बच नहीं सकते।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने जनता से अपील की कि वे जंगलराज नहीं बल्कि मंगलराज के पक्ष में मतदान करें और बिहार को विकास की राह पर बनाए रखें। विपक्षी दल बिहार को फिर से जंगलराज की ओर ले जाना चाहते हैं, जबकि एनडीए का लक्ष्य रामराज स्थापित करना है। रामराज का अर्थ है शानदार सड़कें, किसानों के खेतों में पानी और बच्चों के लिए अच्छे स्कूल।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक सामाजिक और नैतिक मुद्दा भी है। शिवराज सिंह चौहान के बयान से स्पष्ट है कि एनडीए और महागठबंधन के बीच की खाई कितनी गहरी है। देश के भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि हम सही विकल्प का चुनाव करें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महागठबंधन और एनडीए के बीच क्या अंतर है?
महागठबंधन का लक्ष्य सामाजिक न्याय है जबकि एनडीए विकास और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करता है।
जंगलराज और रामराज का क्या अर्थ है?
जंगलराज का मतलब है अराजकता और अपराध, जबकि रामराज का अर्थ है विकास, सुरक्षा और सुशासन।
राष्ट्र प्रेस
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