क्या बिहार में नीतीश की नहीं, भाजपा की सरकार है? : कृष्णा अल्लावरु

सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की सरकार और नीतीश कुमार की असली भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
- 'वोट चोरी' से बनी सरकार की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त की गई है।
- राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' का महत्व बढ़ता जा रहा है।
- राज्य में शांति और विकास के लिए वोट की अहमियत को बताया गया है।
पटना, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में नीतीश कुमार की नहीं, बल्कि भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि 'वोट चोरी' से बनी सरकार कभी भी जनता की सेवा नहीं कर सकती और न ही जनहित में कार्य कर सकती है।
शनिवार को बिहार कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय और अल्लावरु ने मीडिया से संवाद किया।
अल्लावरु ने आगे कहा कि जब 'वोट चोरी' से सरकार बनेगी, तो आपराधिक घटनाएं बढ़ेंगी और जब तक अपराध कम नहीं होंगे, तब तक बिहार में निवेश नहीं आएगा और कारखाने नहीं लगेंगे। जब तक 'वोट चोरी'पलायन बढ़ता रहेगा।
राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई 'वोटर अधिकार यात्रा' के बारे में उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि जब तक वोट की चोरी होती रहेगी, तब तक बिहार में न तो कमाई होगी, न पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और न ही स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार आएगा। राहुल गांधी इस यात्रा के माध्यम से यह बता रहे हैं कि 'वोट चोरी'
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय ने बताया कि 'वोटर अधिकार यात्रा' का समापन 'गांधी से अंबेडकर' कार्यक्रम से होगा। यह यात्रा 1 सितंबर को समाप्त होगी, जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पटना में पदयात्रा करेंगे। इसकी शुरुआत 1 सितंबर को सुबह 10:50 बजे से होगी।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले ऐतिहासिक गांधी मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित सभी महागठबंधन के नेता गांधी मैदान गेट नंबर-1 से होते हुए एसपी वर्मा रोड, डाकबंगला चौराहा, कोतवाली थाना, इनकम टैक्स गोलंबर और नेहरू पथ से होते हुए अंबेडकर मूर्ति तक जाएंगे। यहां कार्यक्रम में शामिल लोगों को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव संबोधित करेंगे।