क्या चिराग पासवान जदयू की सीटें कम करना चाहते हैं? उदित राज का दावा

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क्या चिराग पासवान जदयू की सीटें कम करना चाहते हैं? उदित राज का दावा

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने चिराग पासवान की बयानों पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया है। क्या चिराग सच में जदयू की सीटें कम करना चाहते हैं? जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और बिहार की राजनीति पर इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

उदित राज ने चिराग पासवान की मंशा पर सवाल उठाया है।
चिराग की आलोचना बिहार के चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है।
राजनीतिक रणनीतियों का खेल हमेशा चलता रहता है।
तेज प्रताप यादव का स्वतंत्र चुनाव लड़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयानों पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने मंत्री की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि चिराग एक तरफ सत्ता का लाभ उठा रहे हैं और दूसरी तरफ नीतीश कुमार की सरकार पर हमले कर रहे हैं, जो संदेह पैदा करता है।

रविवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उदित राज ने कहा, "चिराग पासवान अपने बयानों से नीतीश कुमार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि जदयू को विधानसभा चुनाव में कम सीटें मिलें। अगर चिराग को बिहार में अपराध की स्थिति इतनी चिंता का विषय है, तो वे एनडीए से इस्तीफा क्यों नहीं देते?"

उदित राज ने यह भी कहा कि चिराग की यह रणनीति जानबूझकर बनाई गई है। उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया, जब चिराग ने एनडीए से अलग होकर जदयू के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए थे, जिससे जदयू को अपेक्षा से कम सीटें मिलीं और उसका वोट बैंक कमजोर हुआ। चिराग की मौजूदा आलोचना भी उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार की छवि को नुकसान पहुंचाना और जदयू की सीटें घटाना है।

कांग्रेस नेता ने यह दावा किया कि चिराग की यह रणनीति जदयू को कमजोर करने और अपनी पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), के लिए अधिक सीटें हासिल करने की है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताते हुए कहा कि चिराग नीतीश कुमार पर हमला करके एनडीए के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करना चाह रहे हैं।

तेज प्रताप यादव के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा पर उदित राज ने कहा कि यह स्वाभाविक है। लोकतंत्र में ऐसी बातें होती रहती हैं। यह कोई नई बात नहीं है; परिवारों में मतभेद हजारों साल से होते आए हैं। सत्ता संघर्ष हमेशा से रहा है। अगर तेज प्रताप अलग चुनाव लड़ने का निर्णय लेते हैं, तो इसमें बड़ी खबर क्या है? मुझे नहीं लगता कि यह कुछ असामान्य है।

एनसीईआरटी द्वारा स्कूली पाठ्यपुस्तकों में 'ऑपरेशन सिंदूर' को शामिल करने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारी भारतीय सेना अन्य देशों की तुलना में सबसे सर्वश्रेष्ठ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूँ कि बिहार की राजनीति में चिराग पासवान की आलोचना केवल एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। हमें यह समझना होगा कि राजनीति में ऐसे कई पल आते हैं जब व्यक्तिगत और पार्टी हितों के बीच टकराव होता है। इस मामले में, जनता को निर्णय लेने का अधिकार है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चिराग पासवान जदयू के खिलाफ हैं?
हां, उदित राज के अनुसार, चिराग पासवान जदयू की सीटें कम करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
उदित राज ने चिराग की आलोचना क्यों की?
उदित राज ने चिराग के बयानों को राजनीतिक दबाव की रणनीति करार दिया है।
राष्ट्र प्रेस