क्या कांग्रेस राम, ग्राम, विकसित भारत और किसानों की विरोधी है? - शहजाद पूनावाला

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क्या कांग्रेस राम, ग्राम, विकसित भारत और किसानों की विरोधी है? - शहजाद पूनावाला

सारांश

क्या कांग्रेस वास्तव में 'राम, ग्राम, विकसित भारत' और किसानों की विरोधी है? शहजाद पूनावाला के बयान से उठे सवालों पर चर्चा करते हैं। इस लेख में जानें उनके तर्क और कांग्रेस की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • कांग्रेस का मनरेगा पर विरोध
  • भाजपा ने ज्यादा फंड दिया
  • नई योजना में 125 दिन काम की गारंटी

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मनरेगा के स्थान पर केंद्र सरकार की नई योजना 'जी राम जी' के खिलाफ कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राम, ग्राम, विकसित भारत और किसान विरोधी पार्टी है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शहजाद पूनावाला ने कहा, "आज कांग्रेस पार्टी मनरेगा पर आंसू बहा रही है, लेकिन जयराम रमेश जैसे कांग्रेस नेताओं ने खुद माना था कि मनरेगा कोई आखिरी और स्थायी समाधान नहीं है।"

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने मनरेगा के लिए कांग्रेस की सरकार से कई गुना ज्यादा फंड दिया है। उस समय शरद पवार और पी. चिदंबरम ने भी कहा था कि राज्यों को ज्यादा बोझ उठाना चाहिए, उनकी जवाबदेही होनी चाहिए ताकि किसानों पर जवाबदेही का ज्यादा बोझ न पड़े। जब भाजपा सरकार नई योजना लाई है, जिसमें 125 दिन के काम की गारंटी है, तुरंत पेमेंट है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, यह सब कुछ विकसित भारत के निर्माण के लिए है। लेकिन कांग्रेस इसका भी विरोध कर रही है।"

इसी बीच, एसआईआर को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे की टिप्पणी पर शहजाद पूनावाला ने कहा, "बिहार में पूरी एसआईआर प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की देखरेख और निगरानी में हुई। विपक्ष ने करोड़ों लोगों के नाम काटने के आरोप लगाए, लेकिन फाइनल मतदाता सूची जारी होने के बाद राजनीतिक पार्टियों के किसी बीएलए ने कोर्ट में शिकायत नहीं दी।"

उन्होंने कहा कि विपक्ष बिहार की तरह एसआईआर के विरुद्ध उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में माहौल बना रहा है। यह एसआईआर के नाम पर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहा है, लेकिन असल में विपक्ष के लिए एसआईआर सिर्फ एक बहाना है। वह सिर्फ घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए कभी चुनाव आयोग और कभी ईवीएम को दोष दिया जा रहा है।

कर्नाटक में बेंगलुरु नगर निगम चुनाव बैलेट पेपर से कराने पर शहजाद पूनावाला ने कहा, "कांग्रेस ने परिवार को बचाने के लिए एक बहाना ढूंढा है। वे दावा कर रहे हैं कि बीबीएमपी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से होंगे। लेकिन चुनाव बैलेट से हों या ईवीएम से, नतीजा वही होगा और कांग्रेस पार्टी हारेगी।"

Point of View

हमें यह समझना होगा कि राजनीतिक बयानबाजी अक्सर चुनावी रणनीतियों का हिस्सा होती है। हालांकि, हमें तथ्यों के आधार पर ही राय बनानी चाहिए। कांग्रेस और भाजपा दोनों के आरोप-प्रत्यारोप देश की राजनीति का हिस्सा हैं, लेकिन आम जनता के हितों को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

कांग्रेस ने मनरेगा के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस के नेताओं ने माना है कि मनरेगा कोई स्थायी समाधान नहीं है।
भाजपा ने मनरेगा के लिए कितनी फंडिंग की है?
भाजपा सरकार ने मनरेगा के लिए कांग्रेस की सरकार से कई गुना ज्यादा फंड दिया है।
शहजाद पूनावाला ने एसआईआर पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हुई थी।
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