क्या संजय निरुपम का दावा सच है कि 'कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाताओं से पूरी तरह कट चुके हैं'?

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क्या संजय निरुपम का दावा सच है कि 'कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाताओं से पूरी तरह कट चुके हैं'?

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने विपक्ष पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस और अन्य दल मतदाताओं से पूरी तरह कट चुके हैं। उनकी बातों में गहराई है, क्या यह सच है? जानें इस लेख में!

मुख्य बातें

संजय निरुपम का आरोप है कि कांग्रेस मतदाताओं से कट चुकी है।
चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है।
भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस करते हैं।

मुंबई, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने वोट चोरी के आरोपों के संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने उल्लेख किया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाताओं से पूरी तरह कट गए हैं

संजय निरुपम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि चुनाव हार चुकी पार्टियां और नेता अब मतदाता सूची में धांधली का बहाना बनाकर नए नैरेटिव का सहारा ले रहे हैं। वास्तव में, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाताओं से पूरी तरह कट चुके हैं और जनता की नब्ज समझने में असफल रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें चुनावों में आशीर्वाद नहीं मिलता। निरुपम ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त और प्रतिष्ठित संस्था है जो निष्पक्ष चुनाव कराती है। विपक्ष को चाहिए कि सरकार को बदनाम करने और झूठे आरोप लगाने के बजाय नए मतदाता जोड़ें, उनसे जुड़ें और उनकी जरूरतों पर ध्यान दें।

केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने संसद में कहा कि भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित देश है, जबकि पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों को उत्पीड़न सहना पड़ता है। इस पर निरुपम ने कहा कि भारत एक हिंदू बहुल राष्ट्र है, लेकिन हिंदू, जो मूल रूप से सनातनी हैं, स्वभाव से धर्मनिरपेक्ष होते हैं। वे सह-अस्तित्व और व्यापक सोच में विश्वास करते हैं। इसी कारण से विभिन्न धर्मों के लोग, जिनमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, हजारों वर्षों से भारत में बिना किसी उत्पीड़न के रह रहे हैं। यहां सभी धार्मिक समूह शांति और सद्भाव के साथ जीवन व्यतीत करते हैं। इसके विपरीत पड़ोसी देशों में बहुसंख्यक समुदाय अल्पसंख्यकों को प्रायः प्रताड़ित करता है। भारत में अल्पसंख्यक न केवल सुरक्षित महसूस करते हैं बल्कि हिंदू बहुल समाज के बीच अधिक सुखी रहते हैं।

निरुपम ने भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप मैच को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी खत्म नहीं हुआ है और तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान में मौजूद सभी आतंकवादी ठिकाने पूरी तरह नष्ट नहीं हो जाते। इनमें वे स्थान और व्यक्ति शामिल हैं जिन्हें पाकिस्तानी सरकार, सेना और आईएसआई का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब तक भारत और पाकिस्तान के बीच यह स्थिति बनी हुई है, तब तक किसी भी भारतीय खेल टीम को पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए। उनका तर्क है कि जब भारतीय सैनिक आतंकवादियों से लड़ रहे हैं, तब खेल संबंध रखना उचित नहीं है।

वोटर अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव को सीएम बनाए जाने के सवाल पर राहुल गांधी की चुप्पी के मायने भी निरुपम ने समझाए। उन्होंने कहा, "राहुल ने मुख्यमंत्री बनने के सवाल को टाला है, इसके पीछे दो कारण हैं। पहला, उन्हें खुद विश्वास नहीं है कि बिहार में उनकी सरकार बनेगी। मतदाता सूची में तथाकथित धांधली के नाम पर चलाया गया अभियान भी कमजोर है क्योंकि जिन पर आरोप लगाए गए, उन्होंने खुद खंडन किया और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताया। दूसरा कारण यह है कि कांग्रेस कभी सहयोगी दलों को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। वह हमेशा अपने फायदे को प्राथमिकता देती है इसलिए कांग्रेस चाहती है कि तेजस्वी यादव की ताकत घटे और उसकी ताकत बढ़े।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक दलों को जनता की आवश्यकताओं को समझने की जरूरत है। संजय निरुपम का कहना है कि कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाताओं से कट चुके हैं, जो एक गंभीर मुद्दा है। यदि ये दल जनता से जुड़ने में असफल होते हैं, तो उनका भविष्य अंधकार में है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाताओं से पूरी तरह कट चुके हैं।
क्या चुनाव आयोग निष्पक्ष है?
संजय निरुपम ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त और प्रतिष्ठित संस्था है।
भारत में अल्पसंख्यक कैसे सुरक्षित हैं?
भारत एक हिंदू बहुल राष्ट्र है, जहां सभी धर्मों के लोग शांति से रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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