क्या जनधन खाते ने किसान की समस्याओं का समाधान किया?

सारांश
Key Takeaways
- जन धन योजना गरीबों के लिए बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाती है।
- सभी सरकारी लाभ सीधे जन धन खाते में पहुँचते हैं।
- खाता खोलने के लिए कोई शुल्क नहीं होता।
- आधार और पैन कार्ड के जरिए खाता खोलना आसान है।
- इस योजना ने करोड़ों लोगों का जीवन बदला है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। देश में गरीबों के लिए बैंक खाता खोलना कभी एक सपना था, जिसे न्यूनतम जमा राशि की शर्तें पूरा नहीं होने देती थीं। लेकिन जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जन धन योजना’ की शुरुआत की है, यह सपना अब हकीकत में बदल चुका है।
रोहतक के संदीप कुमार जैसे लाखों लोगों के लिए यह सिर्फ एक बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह गरिमा, सशक्तिकरण और सरकारी सहायता तक सीधे पहुंचने का रास्ता बन गया। अब लाभ सीधे उनके खाते में पहुँचने लगा है।
जन धन योजना के 11 साल इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे करोड़ों लोगों का जीवन बदला और वित्तीय समावेशन ने देश को नई शक्ति दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'मोदी स्टोरी' अकाउंट से एक पोस्ट में किसान संदीप कुमार ने बताया कि पहले केवल धनी वर्ग के लिए ही बैंक खाते खोले जाते थे।
उन्होंने कहा कि जब वह एक बार बैंक में खाता खोलने गए, तो उनसे कई कागजात मांगे गए और पांच हजार रुपए जमा करने के लिए कहा गया।
संदीप कुमार ने बताया कि गरीब होने के कारण उनके पास उतने पैसे नहीं थे, इसलिए उनका खाता नहीं खुल सका। करीब दो से तीन साल बाद उनके एक दोस्त ने जन धन योजना के बारे में बताया।
इसके बाद उन्होंने जनधन खाता खुलवाया, जो आधार और पैन कार्ड के जरिए बिल्कुल आसानी से मुफ्त में खुल गया। अब सभी सरकारी राशि उनके जनधन खाते में आती हैं।
उन्होंने बताया कि पहले जब सरकार 100 रुपए भेजती थी, तो उनके पास केवल 1 रुपया पहुँचता था, लेकिन अब जनधन खाते की वजह से उन्हें 100 में से 100 रुपए मिलते हैं। पैसे सीधे उनके खाते में पहुँच जाते हैं।
संदीप कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे बात की और सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि अब वह नई तकनीक से खेती करने की इच्छा रखते हैं।