क्या कोई धर्म हमें नफरत करना सिखाता है?: अजय राय
सारांश
Key Takeaways
- हर धर्म में प्रेम की प्रधानता है।
- धर्म का उद्देश्य नफरत नहीं, बल्कि सहिष्णुता है।
- राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का गलत उपयोग हो रहा है।
वाराणसी, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने जोहरान ममदानी द्वारा कुरान पर हाथ रखकर मेयर पद की शपथ लेने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का सम्मान करना चाहिए। हर धर्म में प्रेम की प्रधानता दी गई है और नफरत से दूर रहने की सलाह दी गई है। आप किसी भी धर्म ग्रंथ को देखें, उसमें प्रेम हमेशा शीर्ष पर नजर आएगा। कोई भी धर्म हमें नफरत करना नहीं सिखाता है।
जोहरान ममदानी ने जेल में बंद उमर खालिद को पत्र लिखा है। इस पर अजय राय ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म से प्रेम होता है और अपने धर्म के अनुयायियों से भी। यदि कोई व्यक्ति अपने धर्म से भटक जाता है, तो उसे सही रास्ते पर लाना भी उसी व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है। ममदानी का पत्र इसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के मामले में हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस पर अजय राय ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि जिस शहर को भाजपा देश का सबसे स्वच्छ शहर मानती है, वहां दूषित पानी पीने से लोग मर जाते हैं और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। भाजपा केवल मार्केटिंग कर रही है और लोगों को अपने राजनीतिक लाभ के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। अब ये लोग भरोसे के लायक नहीं हैं।
कांग्रेस नेता अजय राय ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकार के साथ किए गए अशोभनीय व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार के साथ अनुचित व्यवहार किया। पत्रकार का केवल इतना ही कसूर था कि उसने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बारे में सवाल किया था।