क्या लालू यादव ने बिहार को शर्मसार किया? भाजपा नेता संजय सरावगी
सारांश
Key Takeaways
- लालू यादव और उनके परिवार पर आरोप तय हुए हैं।
- संजय सरावगी ने बिहार को शर्मसार करने का आरोप लगाया।
- ममता बनर्जी की घबराहट उनके कृत्यों से स्पष्ट है।
- ईडी की कार्रवाई में बाधा डालने पर सवाल उठाए गए हैं।
- कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रेलवे में भूमि के बदले नौकरी घोटाले के सिलसिले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर आरोप तय होने के बाद बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया।
संजय सरावगी ने शनिवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि लालू यादव और उनका पूरा परिवार भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोपी हैं। लालू यादव ने बिहार को शर्मसार करने का कार्य किया है।
इसके अलावा, कोलकाता में ईडी की कार्रवाई में बाधा डालने के लिए ममता बनर्जी के कृत्य पर संजय सरावगी ने कहा कि उनकी घबराहट स्पष्ट दिखाई दे रही है, क्योंकि भविष्य में वहां भाजपा की सरकार बनने वाली है। उन्होंने सवाल किया, "आखिर उस फाइल में ऐसा क्या था कि ममता बनर्जी इतनी बेचैन हो गईं?"
सरावगी ने कहा कि ममता बनर्जी को अपनी हार का डर सताने लगा है।
वहीं, पश्चिम बंगाल में आईपीएसी कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ ममता बनर्जी द्वारा किए गए प्रदर्शन पर भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी भी प्रकार की जांच को आगे बढ़ने नहीं दे रही हैं और स्थानीय पुलिस को ईडी के सामने खड़ा कर दिया गया है। अजय आलोक ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है।
उन्होंने कहा, "फाइल कहां हैं या नहीं हैं, यह मुद्दा बाद का है। सबसे गंभीर बात यह है कि संवैधानिक एजेंसी को अपना काम नहीं करने दिया जा रहा है।"
अजय आलोक ने मांग की कि इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
इसके अलावा, लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में कथित जबरन धर्मांतरण के मामले पर भी अजय आलोक ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस स्थिति को देखती है कि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर रहा है या नहीं और किन परिस्थितियों में यह सब हुआ।
अजय आलोक ने स्पष्ट किया कि मामले में कानून के मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है और हर मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है।