11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर के बीच संबंध हैं? : आरपी सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर के बीच संबंध हैं? : आरपी सिंह

सारांश

क्या ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर के बीच संबंध हैं? आरपी सिंह ने इस विषय पर खुलासा करते हुए कहा कि यह सब ममता बनर्जी के इशारे पर हो रहा है। जानिए और क्या कहा आरपी सिंह ने इस मामले में।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर के संबंध पर सवाल उठाए गए हैं।
हुमायूं कबीर ने नई पार्टी बनाई है।
बाबर के नाम पर मस्जिद का निर्माण एक विवाद का विषय है।
'जी राम जी' बिल पर 14 घंटे की चर्चा हुई।
गीता श्लोक पाठ को अनिवार्य करने का निर्णय स्वागत योग्य है।

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रमुख नेता आरपी सिंह ने सोमवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की संलिप्तता से टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने एक नई पार्टी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि यह सब ममता बनर्जी के निर्देश पर हो रहा है। हुमायूं कबीर बाबर के नाम पर मस्जिद बनाना चाहते हैं और इसके लिए सरकार उन्हें छूट दे रही है।

आरपी सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर के रिश्ते एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। विपक्ष को आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि 'जी राम जी' बिल गरीबों और श्रमिकों के हित में है। विपक्ष इस पर हंगामा कर केवल भ्रम पैदा करना चाहता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी संसद की चर्चा को नहीं देखतीं। इस बिल पर 14 घंटे तक चर्चा चली, जिसमें 98 सांसदों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी सांसदों के सवालों का जवाब दिया। कांग्रेस श्रमिकों के हित का विरोध कर रही है। इस बिल से गांवों में 125 दिनों की मजदूरी की गारंटी मिलेगी, लेकिन कांग्रेस को श्रमिकों का हित पसंद नहीं आता।

महाराष्ट्र निकाय चुनाव के संदर्भ में आरपी सिंह ने कहा कि सरकार जो काम कर रही है, वह खुद बोलता है। महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर जनता का आशीर्वाद है।

विपक्ष के चुनावी हार पर लगाए गए आरोपों के बारे में उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष चुनाव जीत जाता है, तो सब कुछ अच्छा होता है, लेकिन हारने पर वे आरोप लगाने लगते हैं। आप चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं, जबकि जनता ने आपको पूरी तरह से नकार दिया है।

उत्तराखंड में गीता श्लोक पाठ को अनिवार्य करने के फैसले को भाजपा के वरिष्ठ नेता ने स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि गीता एक धार्मिक ग्रंथ है और इसका पाठ अनिवार्य करना बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा प्रदान करेगा।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि संघ प्रमुख ने सही कहा। संघ राष्ट्रवाद की बात करता है और हिंदुओं को एकजुट करने का प्रयास करता है। यह धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की चिंता की जाती है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की स्थिति बहुत गंभीर है। वहां हिंदुओं को लगातार टारगेट कर हमले किए जा रहे हैं। मीडिया पर भी हमले हो रहे हैं। यह केवल हमारे देश के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना राजनीतिक संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें यह समझना होगा कि ऐसे मुद्दे समाज में गहरे प्रभाव डालते हैं। हमें हमेशा राष्ट्रीय हित के प्रति सजग रहना चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने ममता बनर्जी के बारे में क्या कहा?
आरपी सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की मिलीभगत से हुमायूं कबीर ने नई पार्टी बनाई है।
हुमायूं कबीर क्या करना चाहते हैं?
हुमायूं कबीर बाबर के नाम पर मस्जिद बनवाना चाहते हैं।
क्या 'जी राम जी' बिल पर चर्चा हुई?
इस बिल पर 14 घंटे की चर्चा हुई, जिसमें 98 सांसदों ने भाग लिया।
क्या गीता श्लोक पाठ को अनिवार्य किया गया?
हां, उत्तराखंड में गीता श्लोक पाठ को अनिवार्य किया गया है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर क्या कहा गया?
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को गंभीरता से लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले