क्या ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को बचाने के लिए ईडी से कागजात चुराए?

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क्या ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को बचाने के लिए ईडी से कागजात चुराए?

सारांश

क्या ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को बचाने के लिए ईडी से कागजात चुराए? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए पूरा मामला इस लेख में।

Key Takeaways

  • गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • कहा गया है कि ममता ने ईडी के कागजात चुराए।
  • पश्चिम बंगाल में हिंदू समुदाय को डर का सामना करना पड़ रहा है।
  • राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं।

बेगूसराय, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त किए गए कागजातों को चुराने का काम किया है ताकि अभिषेक बनर्जी को बचाया जा सके।

गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह संविधान के खिलाफ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि कोई मुख्यमंत्री ईडी द्वारा जब्त दस्तावेजों को चुरा ले। बिहार के बेगूसराय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आई-पैक का कार्यालय तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर था? ममता को ईडी के पास से कागजात चुराने की क्या जरूरत थी? कौन सा गुप्त कागज था?

उन्होंने यह भी कहा, "ममता बनर्जी को यह डर था कि अगर ईडी को गुप्त कागज मिल गया तो अभिषेक बनर्जी फंस जाएंगे। इसलिए ममता वहां गईं और सारे कागजात चुरा लिए।

गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश में बदलना चाहती हैं और राज्य को घुसपैठियों के हवाले करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल के हर जिले में हिंदू डर के साये में जी रहे हैं। उन्हें राज्य को बचाने के लिए ममता बनर्जी को हटाना होगा।

इसी बीच, गिरिराज सिंह ने 'इंडी' गठबंधन पर भी विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी केवल चुनाव के समय एकजुट होते हैं। पश्चिम बंगाल में कहीं भी 'इंडी' गठबंधन नजर नहीं आ रहा है। यह केवल एक दिखावटी गठबंधन है।"

गिरिराज सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी पर भी हमला किया। उन्होंने कहा, "ओवैसी कभी कहते हैं कि मुंबई में बुर्का पहनने वाली मेयर होगी, कभी कहते हैं कि बुर्का पहनने वाली प्रधानमंत्री होगी। ऐसे लोग क्या नफरत फैलाना चाहते हैं?"

गिरिराज सिंह ने कहा, "अगर ओवैसी के मन में 'गजवा-ए-हिंद' है, तो सुन लें, कांग्रेस की गलतियों के कारण जो पहले हुआ था, अब वैसा दोबारा नहीं होगा। यहां कोई दूसरा पाकिस्तान नहीं बनेगा और कोई शरिया कानून लागू नहीं होगा। घृणा फैलाने वालों को देश स्वीकार नहीं करेगा।"

Point of View

यह कहना उचित होगा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हमारे लोकतंत्र का हिस्सा हैं। हालांकि, तथ्यों के बिना किसी पर आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि इससे राजनीतिक स्थिरता भी प्रभावित होती है। सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या गिरिराज सिंह के आरोप सही हैं?
यह आरोप अभी तक केवल बयानबाजी हैं और इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं पेश किए गए हैं।
क्या ममता बनर्जी ने कागजात चुराए?
यह आरोप गंभीर है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जांच की आवश्यकता है।
क्या यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति को प्रभावित करेगा?
हां, अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे राजनीतिक स्थिति में बदलाव आ सकता है।
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