सुप्रीम कोर्ट में एनसीईआरटी कक्षा 8 की किताब के विवाद पर सुनवाई, 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' पर उठे सवाल
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नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को कक्षा 8 की एनसीईआरटी किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' विषय पर विवादास्पद अध्याय की सुनवाई होने जा रही है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।
इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच शामिल रहेगी।
बुधवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने सीजेआई के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद, मुख्य न्यायाधीश ने एनसीईआरटी किताब के इस अध्याय पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को कलंकित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सीजेआई ने अपनी नाराजगी में कहा, "एक संस्थान के प्रमुख के रूप में मैंने हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन किया है। मैं किसी को न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दूंगा। मैं जानता हूं कि इस स्थिति का कैसे सामना करना है।"
दरअसल, एनसीईआरटी ने 24 फरवरी को कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब जारी की थी, जिसमें 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' का एक विवादास्पद अध्याय था। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद, एनसीईआरटी ने इस अध्याय के साथ किताब के वितरण पर रोक लगा दी है।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तुरंत सभी स्कूलों को निर्देश दिया कि अगली सूचना तक इस किताब का वितरण न किया जाए। एनसीईआरटी ने इस आदेश का पालन करते हुए किताब की आपूर्ति रोक दी है।
एक आधिकारिक बयान में एनसीईआरटी ने स्वीकार किया कि यह गलती अनजाने में हुई है और किसी भी संस्था की गरिमा को कम करने का कोई इरादा नहीं था। इस अध्याय को पुनः लिखा जाएगा और सुधारित किताब शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। एनसीईआरटी ने इस गलती पर खेद व्यक्त किया है और भविष्य में ऐसी स्थिति को टालने का आश्वासन दिया है।