क्या मणिकम टैगोर ने एनडीए पर निशाना साधा, कहा- तमिलनाडु में डबल इंजन फेल?
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए का डबल इंजन फेल हो चुका है।
- मणिकम टैगोर ने तमिलनाडु के मुद्दों को उठाया।
- राहुल गांधी ने कपड़ा उद्योग की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
- प्रधानमंत्री के बयानों पर विवाद बढ़ सकता है।
- कांग्रेस लगातार जनता के मुद्दों का समर्थन कर रही है।
मदुरै, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने शनिवार को एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि चाहे सरकार डबल इंजन की बात करे या ट्रिपल इंजन की, यदि इंजन ही फेल हो चुका है तो उसे कोई चला नहीं सकता। टैगोर ने यह भी बताया कि तमिलनाडु में यह इंजन पहले ही फेल हो चुका है और सीबीआई और ईडी की मदद से बनाए गए एनडीए गठबंधन का यहाँ कोई असर नहीं होगा।
प्रधानमंत्री के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मणिकम टैगोर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने तिरुपरनकुंद्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला तमिलनाडु के लोगों के लिए बेहद संवेदनशील है।
उन्होंने आरोप लगाया, "हम सभी जानते हैं कि आरएसएस और हिंदू समाज के कुछ वर्ग ऐसे धार्मिक मुद्दे खड़े करने की कोशिश करते हैं और इस बार भी वही किया जा रहा है। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए प्रधानमंत्री को इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी।"
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कार्तिकई दीपम के दीपक जलाने को लेकर हुए विवाद पर डीएमके सरकार की आलोचना की थी। इसके साथ ही एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार पर भगवान मुरुगन और यहाँ तक कि अदालतों का अपमान करने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश का कपड़ा और हथकरघा उद्योग गंभीर संकट से गुजर रहा है। राहुल गांधी लगातार जनता के मुद्दे उठाते हैं।
२३ जनवरी को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने भारत के कपड़ा उद्योग में गहराते संकट को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की थी। राहुल गांधी ने लिखा था कि अमेरिका की ५० प्रतिशत टैरिफ नीति और अनिश्चितता भारत के कपड़ा निर्यातकों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। इसके चलते नौकरियां जा रही हैं, फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और ऑर्डर कम हो रहे हैं। उन्होंने इसे देश की 'डेड इकॉनमी' की सच्चाई बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अब तक इस मुद्दे पर कोई राहत नहीं दी और न ही टैरिफ पर कोई बात की, जबकि ४.५ करोड़ से ज्यादा नौकरियां और लाखों कारोबार दांव पर लगे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से इस मामले पर ध्यान देने और जिम्मेदारी लेने की अपील की।