क्या एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की हार निश्चित है? मृत्युंजय तिवारी

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क्या एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की हार निश्चित है? मृत्युंजय तिवारी

सारांश

पटना में इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की हार की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं गरमा गई हैं। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एनडीए गठबंधन की आलोचना करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। जानिए इस सियासी हलचल के पीछे क्या है।

मुख्य बातें

लालू प्रसाद यादव का राजनीतिक महत्व बढ़ता जा रहा है।
एनडीए के उम्मीदवार की हार की संभावना मजबूत है।
बंगाल में बंगला भाषा के उपयोग का निर्णय सराहनीय है।
बिहार में बेरोजगारी की समस्या गंभीर है।
लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

पटना, ८ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी और राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव की हालिया मुलाकात पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अमित मालवीय ने सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एनडीए गठबंधन की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि लालू प्रसाद राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और देश में विपक्ष के सबसे प्रमुख नेता हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले सबसे बड़े योद्धा हैं। ऐसे में, यदि वे लालू प्रसाद से नहीं मिलते हैं, तो फिर किससे मिलेंगे? राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतार रहा है, और उनकी हार अब निश्चित नजर आ रही है। इन लोगों के चेहरे पर पसीना आ रहा है; ९ सितंबर के बाद क्या होगा?

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रदेश की दुकानों में बंगला भाषा के उपयोग का आदेश दिया है। इस पर मृत्युंजय तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वहां बंगाली जनसंख्या अधिक है, और इसलिए ममता सरकार का निर्णय उचित है। इस फैसले पर किसी को भी ऐतराज नहीं होना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायक द्वारा भाजपा नेता पर तेजाब डालने की धमकी पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई होती है, और इस पर उनकी पार्टी के नेता उचित जवाब देंगे।

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर बिहार और केंद्र की सरकार को पलायन के मुद्दे पर निशाना बनाया है। मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह सच है कि बिहार में पलायन हो रहा है और बेरोजगारी की समस्या भी विकराल है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कौन हैं?
एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन हैं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं।
राजद प्रवक्ता ने एनडीए के खिलाफ क्या कहा?
मृत्युंजय तिवारी ने एनडीए की हार को निश्चित बताया और लालू प्रसाद की भूमिका पर जोर दिया।
पश्चिम बंगाल में भाषा के इस्तेमाल पर क्या निर्णय लिया गया?
पश्चिम बंगाल सरकार ने दुकानों में बंगला भाषा के उपयोग का निर्देश दिया है।
तेजस्वी यादव का ट्वीट किस बारे में था?
तेजस्वी यादव ने बिहार और केंद्र सरकार पर पलायन के मुद्दे को लेकर हमला किया था।
राजद प्रवक्ता ने शिक्षा व्यवस्था के बारे में क्या कहा?
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस