क्या पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार निश्चित है? : कुणाल घोष

सारांश
Key Takeaways
- कुणाल घोष ने भाजपा की हार की भविष्यवाणी की है।
- भाजपा को बंगाल की जनता का समर्थन नहीं मिला है।
- घुसपैठ की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिम्मेदारी सरकार की है।
- भाजपा ने अपनी नीति में बदलाव किया है।
- पश्चिम बंगाल में चुनाव 2026 में होंगे।
कोलकाता, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसी संदर्भ में, टीएमसी के नेता कुणाल घोष ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल में हेलीकॉप्टर के लैंडिंग के लिए घर भी खरीद लेते हैं, तो भी भाजपा की हार निश्चित है।
कुणाल घोष ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ नहीं है। यहां की जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है। इससे पहले भी पार्टी के वरिष्ठ नेता डेली पैसेंजर के रूप में आ चुके हैं। इसके बावजूद, वे 2021 के विधानसभा चुनाव और 2023 के पंचायत चुनाव में भी हार गए। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उनके सांसदों की संख्या में गिरावट आई है।"
उन्होंने कहा, "बंगाल का जो भी नागरिक भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषा में बात करता है, उसे प्रताड़ित किया जाता है। अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग वाला घर भी खरीद लें, तो उनकी हार निश्चित है।"
कुणाल घोष ने भाजपा पर भी आरोप लगाते हुए कहा, "हाल में कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिखाया गया है कि भाजपा पहले जिन नेताओं जैसे बंगाल में सुवेंदु अधिकारी, असम में हिमंत बिस्वा सरमा, महाराष्ट्र में अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ सीबीआई या ईडी की कार्रवाई की मांग करती थी, अब उन्हीं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। फिर भी भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ भाषण देती है। जनता अब इस दोहरे रवैये को समझ चुकी है।"
पश्चिम बंगाल में घुसपैठ की घटनाओं पर उन्होंने कहा, "घुसपैठियों को रोकने की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की है। देश की सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा बीएसएफ संभालती है, यह काम राज्य पुलिस नहीं करती है। मुझे लगता है कि यदि घुसपैठ की घटनाएं बढ़ रही हैं, तो यह जिम्मेदारी सरकार की है।"