क्या पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का है? अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे: कविन्दर गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।
- चीन की विस्तारवादी नीति पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया।
- लद्दाख में नए एयरपोर्ट का निर्माण।
- लद्दाख में खेल नीति और पर्यटन को बढ़ावा।
- भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सजग हैं।
श्रीनगर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में चीन के विदेश मंत्री द्वारा एक भारतीय क्षेत्र को चीन का हिस्सा बताने के बयान पर लद्दाख के उपराज्यपाल कविन्दर गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस तथ्य पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
उपराज्यपाल ने कहा कि चीन की विस्तारवादी नीति से कई देशों में चिंता है, लेकिन चीन को यह समझ लेना चाहिए कि यह 1962 का भारत नहीं है, बल्कि 2026 का सशक्त और आत्मविश्वासी भारत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कविन्दर गुप्ता ने 1994 के संसद प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कश्मीर हमारा है। उन्होंने चीन से अपील की कि वह इस सच्चाई को समझे और भारतीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या ढांचागत गतिविधियों को तुरंत रोक दे।
सीमा सुरक्षा के मामले में, उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया कि देश की सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सजग और तैयार हैं। चाहे सेना हो, आईटीबीपी हो या बीएसएफ, सभी बल हर सीमा पर मजबूती से तैनात हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
लद्दाख के विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि लद्दाख की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति अलग है, इसलिए यहां विशेष योजनाओं पर काम किया जा रहा है। लद्दाख में एक नई खेल नीति लागू की गई है और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से विंटर गेम्स पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि सोनमर्ग और मिनामर्ग के बीच बन रही सुरंगों का निर्माण तेजी से चल रहा है और अप्रैल 2026 तक दोनों सुरंगें आपस में जुड़ जाएंगी। इसके बाद 2027 तक इस सुरंग को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि लद्दाख में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है। कम आबादी को देखते हुए वहां हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने जैसी पहलों पर भी काम चल रहा है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी दी है और प्रधानमंत्री चाहते हैं कि लद्दाख तेजी से प्रगति करे।
इसके अलावा, कविन्दर गुप्ता ने बताया कि करीब 600 करोड़ रुपए की लागत से एक नया एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है और इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया है। आने वाले समय में लद्दाख विकास और सुरक्षा दोनों ही मोर्चों पर नई ऊंचाइयों को छुएगा।