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क्या शिबू सोरेन का योगदान पद्म भूषण तक सीमित है, या वे भारत रत्न के असली हकदार हैं?: सुखी टुडू

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क्या शिबू सोरेन का योगदान पद्म भूषण तक सीमित है, या वे भारत रत्न के असली हकदार हैं?: सुखी टुडू

सारांश

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है, लेकिन उनकी बहन सुखी टुडू का मानना है कि उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। उनके जीवन का संघर्ष और समाज सेवा इस मांग का आधार है।

मुख्य बातें

शिबू सोरेन का योगदान केवल पद्म भूषण तक सीमित नहीं है।
उनकी बहन सुखी टुडू ने भारत रत्न की मांग की है।
शिबू सोरेन ने आदिवासी समाज के लिए संघर्ष किया।
उनका जीवन त्याग और सेवा का प्रतीक है।
झारखंड के लोग भारत रत्न की मांग कर रहे हैं।

सरायकेला, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी समाज के दिवंगत नेता शिबू सोरेन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने के बाद पूरे राज्य में खुशी की लहर है। वहीं, शिबू सोरेन की बहन ने उनके लिए भारत रत्न सम्मान की मांग की है।

इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी बहन सुखी टुडू ने जहां सरकार के फैसले पर संतोष जताया, वहीं उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिबू सोरेन का योगदान पद्म भूषण तक सीमित नहीं है और वे भारत रत्न के असली हकदार हैं।

सुखी टुडू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम सभी को शिबू सोरेन के पद्म भूषण सम्मान मिलने पर गर्व है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने झारखंड और आदिवासी समाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उसके अनुपात में उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिलना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्होंने अपने बड़े भाई को समाज सेवा में लीन देखा है। दिन-रात जंगलों में घूमकर वे लोगों को जागरूक करते थे, उन्हें संगठित करते थे और महाजनी शोषण और सामंती व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व करते थे।

उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनीतिक नेता रहे हैं बल्कि आदिवासी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय की लड़ाई के प्रतीक हैं। सुखी टुडू ने कहा कि झारखंड के लोगों की वर्षों से मांग रही है कि दिशोम गुरु को भारत रत्न दिया जाए क्योंकि उनका जीवन त्याग, संघर्ष और सेवा का उदाहरण है।

उन्होंने यह भी स्मरण किया कि उनके परिवार में समाज सेवा की परंपरा रही है। उनकी माता भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती थीं और परिवार के पांच भाई-बहनों में शिबू सोरेन ने सबसे अधिक समय और ऊर्जा समाज के उत्थान के लिए समर्पित की।

पद्म भूषण सम्मान के साथ एक बार फिर शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन और योगदान पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और उनके समर्थकों के बीच भारत रत्न की मांग और मुखर होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि शिबू सोरेन ने समाज के उत्थान के लिए जो प्रयास किए हैं, वे किसी भी सम्मान के योग्य हैं। यह चर्चा हमारे देश की सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिबू सोरेन को कौन सा सम्मान मिला है?
उन्हें हाल ही में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान दिया गया है।
सुखी टुडू ने किस सम्मान की मांग की है?
सुखी टुडू ने उनके लिए भारत रत्न सम्मान की मांग की है।
शिबू सोरेन का योगदान क्या है?
उन्होंने झारखंड और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
राष्ट्र प्रेस
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