31 जुलाई 2026
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क्या वसंत पंचमी पर सिर्फ सरस्वती पूजन होता है, या भगवान शिव का 'तिलक' उत्सव भी?

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क्या वसंत पंचमी पर सिर्फ सरस्वती पूजन होता है, या भगवान शिव का 'तिलक' उत्सव भी?

सारांश

वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के साथ भगवान शिव का तिलक उत्सव भी मनाया जाता है। जानें इस दिन की खासियत और परंपराएं।

मुख्य बातें

वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के साथ भगवान शिव का तिलक समारोह भी होता है।
काशी में शिव को दूल्हे की तरह सजाया जाता है।
इस दिन केसरिया मालपुए का भोग भगवान शिव को अर्पित किया जाता है।
वसंत पंचमी से महादेव और माता पार्वती के विवाह की रस्में शुरू होती हैं।
यह परंपरा भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाती है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वसंत पंचमी पर मुख्यतः लोग विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा करते हैं। स्कूलों और घरों में बच्चे नई किताबों, पेंसिल और कलम के साथ पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन एक और उल्लेखनीय परंपरा भी मनाई जाती है? इस दिन भगवान शिव का तिलक समारोह होता है और उन्हें विशेष प्रसाद अर्पित किया जाता है।

धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। हर शादी में तिलक का महत्व होता है, और इसी प्रकार वसंत पंचमी के दिन भी शिव का 'तिलक' उत्सव मनाया जाता है।

इस दिन से महादेव के विवाह की रस्में भी आरंभ हो जाती हैं। यह परंपरा खासकर काशी यानी वाराणसी में सदियों से चली आ रही है। भगवान शिव को दूल्हे की तरह सजाया जाता है, उनके माथे पर हल्दी और चंदन से तिलक लगाया जाता है और उन्हें गुलाल से सजाया जाता है।

काशी के मंदिरों में भक्त मानते हैं कि अब वैरागी शिव दूल्हा बनने की तैयारी में हैं। यह महादेव और माता पार्वती के विवाह की रस्में शुरू होने का प्रतीक है। भक्त मंदिरों में जाकर भगवान शिव को नमन करते हैं और उन्हें फूल और हल्दी अर्पित करते हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस दिन भगवान शिव को केसरिया मालपुए का भोग लगाया जाता है। यह रस्म वसंत ऋतु के आगमन और महादेव के तिलक की खुशी में की जाती है।

काशी और अन्य स्थानों पर यह परंपरा धूमधाम से मनाई जाती है। मंदिरों में खास समारोह आयोजित होते हैं, भक्तों की भीड़ लगती है और हर कोई इस दिन को श्रद्धा और खुशी के साथ मनाता है।

इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर वसंत पंचमी के दिन ही होली का डंडा भी गाड़ा जाता है, जो इस बात का संकेत है कि फागुन का रंगीन त्योहार जल्दी ही आने वाला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भगवान शिव के तिलक समारोह का भी प्रतीक है। यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक आस्था को दर्शाती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसंत पंचमी पर भगवान शिव का तिलक क्यों होता है?
यह परंपरा भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से जुड़ी हुई है, जो इस दिन का महत्वपूर्ण भाग है।
काशी में इस दिन क्या खास होता है?
काशी में भगवान शिव को दूल्हे की तरह सजाया जाता है और भक्त उन्हें विशेष भोग अर्पित करते हैं।
क्या वसंत पंचमी पर होली का डंडा भी गाड़ा जाता है?
हाँ, कई स्थानों पर इस दिन होली का डंडा गाड़ा जाता है, जो रंगों के त्योहार की आहट है।
राष्ट्र प्रेस
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