क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' ने लोगों में जागरूकता जगाई है? : मनोज झा

सारांश
Key Takeaways
- 'वोटर अधिकार यात्रा' में स्वतः स्फूर्त भीड़ जुट रही है।
- यह यात्रा वोट चोरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।
- राजद ने बिहार में फंडामेंटल शिफ्ट लाने का आश्वासन दिया है।
- महागठबंधन ने विकास बोर्ड बनाने की घोषणा की है।
- यह यात्रा नवंबर में अपनी मंजिल तक पहुंचेगी।
मधुबनी, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मंगलवार को कहा कि 'वोटर अधिकार यात्रा' ने देश को एक स्पष्ट संदेश दिया है। इस यात्रा में स्वतः स्फूर्त भीड़ जुट रही है। लोग अपने वोट की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए हैं.
मधुबनी में आयोजित प्रेस वार्ता में राजद नेता मनोज झा ने कहा कि चुनाव आयोग पर आजादी के बाद ऐसे गंभीर आरोप पहले कभी नहीं लगे थे। पहले छोटे-मोटे आरोप लगते थे, लेकिन अब चुनाव आयोग की गैर पारदर्शिता एक बड़ा मुद्दा बन गई है.
उन्होंने कहा कि पहले जो 11 दस्तावेज मांगे गए, वे बिहार के अधिकांश लोगों के पास नहीं थे। समय की कमी भी थी। हम सर्वोच्च अदालत के पास गए थे, लेकिन हठधर्मिता और अहंकार के कारण हमारी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद सर्वोच्च अदालत से लोगों को राहत मिली। उन्होंने बताया कि अभी भी दिक्कतें बनी हुई हैं.
राजद सांसद ने कहा कि यह 'वोटर अधिकार यात्रा' 'वोट चोरी' के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम राजनीति के लिए नहीं, बल्कि लोगों के साथ खड़े होने के लिए उठाया गया है। इस यात्रा का संदेश स्पष्ट है कि यह चुनाव सरकार नहीं, बल्कि सरोकार बदलने का है.
राजद नेता ने यह भी कहा कि यह चुनाव बिहार में एक फंडामेंटल शिफ्ट लाएगा। महागठबंधन पहले ही सीमांचल और मिथिलांचल के विकास के लिए विकास बोर्ड बनाने की घोषणा कर चुका है ताकि इन क्षेत्रों का विकास हो सके. यहां पलायन और बेरोजगारी की समस्या भी गंभीर है.
उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक सितंबर के पड़ाव पर पहुंचेगी, लेकिन इसकी मंजिल नवंबर है। नवंबर में बिहार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर बिहार के किसी दलित, पिछड़े, या अल्पसंख्यक का वोट कटा, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले लेगा.