15 अक्टूबर 2026
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लाड़ली बहना को ₹3,000 का वादा अधूरा: जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र

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लाड़ली बहना को ₹3,000 का वादा अधूरा: जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र

सारांश

मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की राशि तीन साल बाद भी ₹1,500 पर अटकी है, जबकि भाजपा ने चुनाव में ₹3,000 का वादा किया था। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने PM मोदी को पत्र लिखकर ₹1,875 करोड़ प्रतिमाह के इस अंतर को उजागर किया और तत्काल जवाब माँगा।

मुख्य बातें

कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर लाड़ली बहना योजना में ₹3,000 का वादा पूरा करने की माँग की।
योजना जून 2023 में ₹1,000 से शुरू हुई; 41वीं किस्त ( 14 अक्टूबर 2026 ) तक भी राशि ₹1,500 तक ही पहुँची।
लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थियों के हिसाब से वादे और वास्तविकता का अंतर करीब ₹1,875 करोड़ प्रतिमाह है।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और निर्मला भूरिया के नए पंजीयन पर परस्पर विरोधी बयान, पात्र महिलाओं में भ्रम।
प्रारंभिक 1.31 करोड़ पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या घटकर 1.25 करोड़ हुई; पटवारी ने श्रेणीवार सरकारी विवरण सार्वजनिक करने की माँग की।

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश की महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह देने का वादा आज भी अधूरा पड़ा है। पटवारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा 'मोदी की गारंटी' के नाम पर किया था, और इसकी जवाबदेही सीधे भाजपा सरकार पर बनती है।

वादा और वास्तविकता के बीच का अंतर

पटवारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि लाड़ली बहना योजना की राशि ₹3,000 प्रतिमाह तक पहुँचाई जाएगी। योजना जून 2023 में ₹1,000 प्रतिमाह से शुरू हुई थी। इसके बाद राशि बढ़ाकर ₹1,250 की गई और नवंबर 2025 से ₹1,500 प्रतिमाह कर दी गई।

14 अक्टूबर 2026 को जारी 41वीं किस्त में भी प्रत्येक पात्र महिला को ₹1,500 ही प्राप्त हुए। दो वृद्धियों के बावजूद वादे की राशि का आधा हिस्सा ही अब तक मिल पाया है।

आर्थिक असर: हर माह ₹1,875 करोड़ का अंतर

पटवारी के अनुसार, वर्तमान दर पर प्रत्येक लाभार्थी महिला को हर महीने ₹1,500 कम मिल रहे हैं। योजना में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी हैं, इस हिसाब से यह कमी प्रतिमाह करीब ₹1,875 करोड़ बैठती है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल संख्याओं का सवाल नहीं, बल्कि महिलाओं की घरेलू ज़रूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ा मसला है।

मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों से बढ़ी उलझन

पटवारी ने यह भी उजागर किया कि नए पंजीयन को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के बयान परस्पर विरोधी हैं। राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने छूटी हुई महिलाओं को जोड़ने की संभावना जताई, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने नए पंजीयन के प्रस्ताव को नकार दिया। ये विरोधाभासी रुख उन पात्र महिलाओं की चिंता बढ़ाते हैं जो अब तक योजना के दायरे से बाहर हैं।

लाभार्थियों की संख्या में गिरावट पर सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि योजना के प्रारंभिक चरण में लगभग 1.31 करोड़ महिलाओं का पंजीयन हुआ था, जो अब घटकर 1.25 करोड़ रह गया है। पटवारी ने माँग की कि सरकार यह स्पष्ट करे कि उम्र-सीमा पूर्ण होने, मृत्यु या अन्य कारणों से कितने नाम हटाए गए और कितनी नई पात्र महिलाएँ अब भी बाहर हैं। उन्होंने कहा कि श्रेणीवार सरकारी विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

PM से तत्काल हस्तक्षेप की माँग

पत्र के अंत में पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि वे इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करें और मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को स्पष्ट जवाब के साथ-साथ वादा पूरा होने की समय-सीमा भी बताएँ। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार पर चुनावी वादों को लेकर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 का वादा भाजपा के 'मोदी की गारंटी' ब्रांड से जोड़कर किया गया था, इसलिए इसकी राजनीतिक लागत भी उतनी ही बड़ी है। यह भी गौरतलब है कि योजना तीन साल और दो वृद्धियों के बाद भी वादे के आधे पर खड़ी है, जो यह सवाल उठाता है कि क्या ₹3,000 की कोई ठोस राजकोषीय योजना थी या यह महज़ चुनावी संदेश था। दो मंत्रियों के विरोधाभासी बयान दिखाते हैं कि सरकार के भीतर भी इस योजना की दिशा स्पष्ट नहीं है। 1.25 करोड़ महिलाओं के लिए ₹1,875 करोड़ प्रतिमाह का यह अंतर केवल वित्तीय नहीं, राजनीतिक विश्वसनीयता का संकट भी है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाड़ली बहना योजना में ₹3,000 का वादा कब और किसने किया था?
तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि लाड़ली बहना योजना की राशि ₹3,000 प्रतिमाह की जाएगी। यह वादा भाजपा के 'मोदी की गारंटी' प्रचार अभियान के तहत किया गया था।
अभी लाड़ली बहना योजना में कितनी राशि मिल रही है?
14 अक्टूबर 2026 को जारी 41वीं किस्त में प्रत्येक पात्र महिला को ₹1,500 प्रतिमाह मिले। योजना जून 2023 में ₹1,000 से शुरू हुई थी, बाद में ₹1,250 और नवंबर 2025 से ₹1,500 की गई।
जीतू पटवारी के अनुसार वादे और वास्तविकता में कितना आर्थिक अंतर है?
पटवारी ने पत्र में उल्लेख किया कि प्रत्येक लाभार्थी को ₹1,500 कम मिल रहे हैं। लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थियों को देखते हुए यह अंतर करीब ₹1,875 करोड़ प्रतिमाह बैठता है।
नए पंजीयन पर मध्य प्रदेश सरकार का क्या रुख है?
राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने छूटी हुई महिलाओं को जोड़ने की संभावना जताई है, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने नए पंजीयन से इनकार किया है। दोनों मंत्रियों के परस्पर विरोधी बयानों से पात्र महिलाओं में भ्रम की स्थिति बनी है।
कांग्रेस ने PM मोदी से क्या माँग की है?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने PM मोदी से तत्काल हस्तक्षेप करने और मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को स्पष्ट जवाब देने के साथ-साथ ₹3,000 का वादा पूरा होने की समय-सीमा बताने का आग्रह किया है। उन्होंने लाभार्थियों की घटती संख्या पर श्रेणीवार सरकारी विवरण सार्वजनिक करने की भी माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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