लाड़ली बहना को ₹3,000 का वादा अधूरा: जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश की महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह देने का वादा आज भी अधूरा पड़ा है। पटवारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा 'मोदी की गारंटी' के नाम पर किया था, और इसकी जवाबदेही सीधे भाजपा सरकार पर बनती है।
वादा और वास्तविकता के बीच का अंतर
पटवारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि लाड़ली बहना योजना की राशि ₹3,000 प्रतिमाह तक पहुँचाई जाएगी। योजना जून 2023 में ₹1,000 प्रतिमाह से शुरू हुई थी। इसके बाद राशि बढ़ाकर ₹1,250 की गई और नवंबर 2025 से ₹1,500 प्रतिमाह कर दी गई।
14 अक्टूबर 2026 को जारी 41वीं किस्त में भी प्रत्येक पात्र महिला को ₹1,500 ही प्राप्त हुए। दो वृद्धियों के बावजूद वादे की राशि का आधा हिस्सा ही अब तक मिल पाया है।
आर्थिक असर: हर माह ₹1,875 करोड़ का अंतर
पटवारी के अनुसार, वर्तमान दर पर प्रत्येक लाभार्थी महिला को हर महीने ₹1,500 कम मिल रहे हैं। योजना में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी हैं, इस हिसाब से यह कमी प्रतिमाह करीब ₹1,875 करोड़ बैठती है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल संख्याओं का सवाल नहीं, बल्कि महिलाओं की घरेलू ज़रूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ा मसला है।
मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों से बढ़ी उलझन
पटवारी ने यह भी उजागर किया कि नए पंजीयन को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के बयान परस्पर विरोधी हैं। राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने छूटी हुई महिलाओं को जोड़ने की संभावना जताई, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने नए पंजीयन के प्रस्ताव को नकार दिया। ये विरोधाभासी रुख उन पात्र महिलाओं की चिंता बढ़ाते हैं जो अब तक योजना के दायरे से बाहर हैं।
लाभार्थियों की संख्या में गिरावट पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि योजना के प्रारंभिक चरण में लगभग 1.31 करोड़ महिलाओं का पंजीयन हुआ था, जो अब घटकर 1.25 करोड़ रह गया है। पटवारी ने माँग की कि सरकार यह स्पष्ट करे कि उम्र-सीमा पूर्ण होने, मृत्यु या अन्य कारणों से कितने नाम हटाए गए और कितनी नई पात्र महिलाएँ अब भी बाहर हैं। उन्होंने कहा कि श्रेणीवार सरकारी विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
PM से तत्काल हस्तक्षेप की माँग
पत्र के अंत में पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि वे इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करें और मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को स्पष्ट जवाब के साथ-साथ वादा पूरा होने की समय-सीमा भी बताएँ। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार पर चुनावी वादों को लेकर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।