क्या लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का संदेश है?

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क्या लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का संदेश है?

सारांश

लखनऊ में योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनके विचारों को साझा किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि कैसे स्वामी विवेकानंद का संदेश हमें लक्ष्य पर एकाग्रता और संकल्प के साथ आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन करता है। आइए जानते हैं उनकी बातों का प्रभाव।

Key Takeaways

  • लक्ष्य पर एकाग्रता सफलता की कुंजी है।
  • स्वामी विवेकानंद ने भारतीयता को नई पहचान दी।
  • युवाओं को संकल्प और इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
  • खेल और टीमवर्क से गांव का विकास संभव है।
  • जल संरक्षण की दिशा में कार्य करना आवश्यक है।

लखनऊ, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने भारतीयता को एक नई पहचान दी। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा सदैव हमें आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन करती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर आयोजित समारोह में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने नरेंद्र से लेकर स्वामी विवेकानंद तक की यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ‘उठो-जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को जीवन का सूत्र बनाया था। उनका संदेश था कि जब तक लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरंतरता नहीं होगी, तब तक सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। इस भावना को अपनाने वाला व्यक्ति सफल होने से नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ वे बदलाव के वाहक बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी और लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल और तीन महिला मंगल दल को स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। सीएम ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को गढ़ने वाली जीजाबाई मां साहिब की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे, जो आत्मबोध को खो चुका था। उस समय कुछ विदेशी आक्रांता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए थे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग भारत को लूट रहे थे और हमारी सभ्यता, संस्कृति व परंपरा का अपमान कर रहे थे। उस काल में स्वामी विवेकानंद ने सुप्त चेतना को जागृत करने और भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास बुद्धि, वैभव और बल था, लेकिन हमने जबरन अपनी बात नहीं थोपी, क्योंकि जब भी पीड़ित मानवता भारत की तरफ आई है, तो भारत ने उसे शरण, संरक्षण और संवर्धन दिया है। मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं।

यह उद्घोष राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला था। स्वामी विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि भारत युवा शक्ति और आध्यात्मिक चेतना के बल पर खुद को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। हम आज उसे मूर्त रूप लेते देख रहे हैं। 1947 में आजादी के एक दिन पहले देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम हर भारतीय को आहत कर रहा था। हर भारतीय आजादी का उत्सव नहीं मना पाया, लेकिन जब देश आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग आत्मिक और अंतःकरण से आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े। जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ सके, वे 'हर घर तिरंगा' का हिस्सा बनकर आगे बढ़े।

पीएम मोदी ने 2022 में विकसित भारत का विजन देते हुए स्पष्ट किया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर कैसा भारत चाहिए। सीएम ने कहा कि जिस भारत की कोई सुनता नहीं था, आज उस भारत के बिना दुनिया का काम नहीं चलता। यह भारत की ताकत व सामर्थ्य है। आज प्रधानमंत्री मोदी बोलते हैं तो दुनिया उनका अनुसरण करती है। दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि आप कुछ कीजिए। प्रधानमंत्री पर इस विश्वास की प्रतीक भारत की युवा शक्ति है।

सीएम योगी ने युवा शक्ति से विकसित 2047 के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने युवक और महिला मंगल दल के समक्ष दो अपेक्षाएं रखीं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, विकास खंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में बड़े स्टेडियम के लिए कार्य हो रहा है। युवक और महिला मंगल दल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएं और अभियान का हिस्सा बनें।

ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाएं, फिर ब्लॉक, जनपद, मंडल व प्रदेश स्तर पर प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें, जिससे हर स्तर पर अच्छी टीमें तैयार होंगी। इससे नए युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन 'खेलोगे तो खिलोगे' का उल्लेख किया और बताया कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद स्पर्धा, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग, विधायक खेलकूद स्पर्धा चल रही है। युवा खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ेंगे तो टीमवर्क से गांव के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। सीएम ने युवक और महिला मंगल दल के सदस्यों से जल संरक्षण पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, "गांव में चेकडैम, अमृत सरोवर और पाटे गए पुराने कुओं का पुनरुद्धार कराएं। जल संरक्षण की दिशा में खड़े हों। अगली बार से पुरस्कार में पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए।" मुख्यमंत्री ने कहा, "कार्यों की तकनीक और फिजिकल मॉनिटरिंग कराएंगे। जो इस प्रतिस्पर्धा में खरे उतरेंगे, उन्हें राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड में विशेष महत्व देंगे। हर जनपद में पुरानी नदी है, लेकिन कई पर कब्जा है। ग्रामीणों को श्रमदान के लिए प्रेरित करें।" सीएम ने पुरस्कृत युवाओं को खेलकूद प्रतियोगिता के साथ ही गांव में टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और स्टेडियम पर कोई कब्जा न करने पाए।

--- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/वीसी

Point of View

बल्कि हमें एक नई दिशा भी देते हैं। यह आवश्यक है कि हम इस दिशा में आगे बढ़ें और अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता से बढ़ें।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

स्वामी विवेकानंद का संदेश क्या है?
स्वामी विवेकानंद का संदेश है कि लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।
योगी आदित्यनाथ ने किस कार्यक्रम में ये विचार व्यक्त किए?
योगी आदित्यनाथ ने 'राष्ट्रीय युवा दिवस' पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में ये विचार व्यक्त किए।
स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड किसे दिया गया?
स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल और तीन महिला मंगल दल को प्रदान किया गया।
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