लाल सागर नौका हमले में 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित, यमन के होदेदाह के पास मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
यमन में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में हुए नौका हमले में सवार 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और फिलहाल यमन के होदेदाह के आसपास के क्षेत्र में मौजूद हैं। दूतावास ने कहा कि वह उनकी सलामती सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
मुख्य घटनाक्रम
यमन के हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को दावा किया कि सऊदी अरब ने जुकर द्वीप के निकट लाल सागर में 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नौका को निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए बताया कि यमन के सशस्त्र बल बचाव अभियान चला रहे हैं।
भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, 'सभी 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और यमन में होदेदाह के आसपास मौजूद हैं। हम उनकी सलामती सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।'
दम्माम हवाई अड्डा हमला — पृष्ठभूमि
यह घटना 21 अक्टूबर को सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के ठीक एक दिन बाद सामने आई। भारतीय दूतावास ने गुरुवार को पुष्टि की कि उस हमले में मारे गए दो लोगों में एक भारतीय नागरिक भी था, जबकि दो अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए।
दूतावास ने अपने बयान में कहा, 'सऊदी अधिकारियों ने हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य भारतीयों के घायल होने की जानकारी दी है। हम घटना से जुड़ी अधिक जानकारी जुटा रहे हैं और पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं।'
भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा अवसंरचना पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने विशेष रूप से 21 अक्टूबर को किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरामको के पूर्वी प्रांत स्थित शैबह तेल क्षेत्र पर हुए हमलों का उल्लेख किया।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, 'आम नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहाँ की जनता और सरकार के साथ खड़े हैं।' मंत्रालय ने यह भी बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास सऊदी अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है।
आम भारतीयों पर असर
गौरतलब है कि सऊदी अरब में लाखों भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं और लाल सागर क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता ने वहाँ काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ गहरी की हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव पहले से ही उफान पर है।
इससे पहले भी हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं। भारत के लिए यह क्षेत्र कच्चे तेल की आपूर्ति और प्रवासी श्रमिकों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
क्या होगा आगे
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि होदेदाह के पास मौजूद 14 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। दूतावास लगातार सऊदी और यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में शांति बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जाएंगे।