क्या 'लैंड फॉर जॉब' मामले में तिहाड़ जेल होगा लालू परिवार का अगला ठिकाना?
सारांश
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ 'लैंड फॉर जॉब' मामले में आरोप तय होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। सत्ताधारी दल और भाजपा नेताओं का इस पर कहना है कि यह न्यायिक प्रक्रिया का स्वाभाविक कदम है। क्या तिहाड़ जेल होगा लालू परिवार का अगला ठिकाना?
Key Takeaways
- लालू परिवार पर लगे आरोप गंभीर हैं।
- भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत की प्रक्रिया चल रही है।
- राजनीतिक प्रतिक्रियाएं दर्शाती हैं कि मामला कितना महत्वपूर्ण है।
पटना/नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। 'लैंड फॉर जॉब' मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप तय होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। सत्ताधारी दल के मंत्रियों से लेकर भाजपा के नेताओं तक ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का स्वाभाविक क्रम बताया है।
पटना में मंत्री राम कृपाल यादव ने इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "कानून अपना काम कर रहा है। अदालत की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।"
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, "आरोप तय हो चुके हैं और अब मामला उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगा। यह महत्वपूर्ण है कि इस केस का शीघ्र समाधान हो, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।"
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "अदालत अपने ढंग से निर्णय देती है। यदि किसी को लगता है कि निर्णय उनके पक्ष में नहीं है, तो वे उच्च अदालत का रुख कर सकते हैं। यह न्यायपालिका का विषय है।"
भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने कहा, "यह किसी से छिपा नहीं है कि लालू परिवार भ्रष्टाचार में डूबा रहा है। आज जो हुआ, वह निश्चित था। अदालत ने यह साबित कर दिया कि गलत काम का परिणाम भी गलत ही होता है।"
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों ने अदालत में मजबूत सबूत प्रस्तुत किए हैं।
उन्होंने कहा, "लालू परिवार को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिला। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी हैं। अब उन्हें अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।"
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, "आरोप तय होना तो स्वाभाविक था। जो चोरी करता है, उसके खिलाफ सबूत हैं।"
उन्होंने व्यंग्य के साथ कहा कि अगला कदम भी स्पष्ट है। लालू परिवार का अगला ठिकाना तिहाड़ होगा। जेल जाना तय है। पिता, पुत्र और पत्नी सभी अपनी गलतियों की सजा भुगतेंगे।