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क्या लातूर में श्रद्धालुओं के बैगों पर रिफ्लेक्टर लगाकर हादसों से बचाव किया जाएगा?

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क्या लातूर में श्रद्धालुओं के बैगों पर रिफ्लेक्टर लगाकर हादसों से बचाव किया जाएगा?

सारांश

लातूर में, श्रद्धालुओं के बैगों पर रिफ्लेक्टर लगाने से न केवल उन्हें सुरक्षा मिलेगी, बल्कि यह हादसों को भी कम करने में मदद करेगा। जानें इस पहल के पीछे के कारण और इसके प्रभावों के बारे में।

मुख्य बातें

लातूर में रिफ्लेक्टर लगाने की पहल से हादसों में कमी आएगी।
यह कदम नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए है।
गश्त करने वाली टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी।
चालकों को वाहन धीमे चलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को सुरक्षा सुझाव दिए जा रहे हैं।

लातूर, 26 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के लातूर में हाइवे पर हादसों को कम करने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों ने पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के बैगों में रिफ्लेक्टर लगाना शुरू किया है, जिससे रात्रि में होने वाले हादसों की संभावना को घटाया जा सके। नवरात्रि के दौरान, लातूर हाइवे पर सबसे ज्यादा श्रद्धालु पैदल चलते हैं।

नवरात्रि में राष्ट्रीय राजमार्ग औसा-तुलजापूर पर प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु तुलजाभवानी के दर्शन के लिए जाते हैं। इस दौरान लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 50 से 60 हजार श्रद्धालुओं के बैग में रिफ्लेक्टर लगाकर उन्हें रवाना किया है।

इंस्पेक्टर सुनील खंडागले ने बताया कि नवरात्रि के दौरान हाइवे पर हादसों की संख्या अधिक होती है और इसे रोकने के लिए यह पहल शुरू की गई है। हम हाइवे पर गश्त करते हैं और पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के बैग में रिफ्लेक्टर लगाते हैं, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों को श्रद्धालुओं के बैग पर लगा रिफ्लेक्टर स्पष्ट दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि हम श्रद्धालुओं को सलाह देते हैं कि वे फोन पर बात न करें और ईयरफोन का उपयोग न करें, ताकि पीछे से आने वाली आवाजें सुन सकें। अधिकतर हादसे इसी कारण से होते हैं। बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को हाइवे के किनारे चलने के लिए कहा जाता है।

खंडागले ने बताया कि हमारी टीम 24 घंटे गश्त पर रहती है। नवरात्रि में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने के कारण, कई टीमों को हाइवे पर तैनात किया जाता है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मराठवाड़ा सहित कई क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु तुलजाभवानी के दर्शन के लिए तुलजापुर जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हाइवे पर चलने वाले चालकों को भी वाहन धीमे चलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हाइवे पर वाहन तेजी से चलते हैं। इसके साथ ही ढाबों के कर्मचारियों को भी जागरूक किया जा रहा है कि अगर कोई हादसा होता है, तो पुलिस को सूचित करें। पुलिस लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह प्रयास न केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है बल्कि सभी नागरिकों का भी। हर एक व्यक्ति की सुरक्षा का ध्यान रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लातूर में रिफ्लेक्टर लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
रिफ्लेक्टर लगाने का मुख्य उद्देश्य रात में पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हादसों की संख्या को कम करना है।
क्या रिफ्लेक्टर लगाने पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी?
इस पहल से श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उनकी संख्या में वृद्धि हो सकती है।
क्या रिफ्लेक्टर लगाने की प्रक्रिया सभी श्रद्धालुओं के लिए है?
हाँ, यह प्रक्रिया सभी पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए लागू है।
क्या यह पहल अन्य राज्यों में भी लागू होगी?
यदि यह पहल सफल होती है, तो इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
क्या श्रद्धालुओं को अन्य सुरक्षा सुझाव दिए जा रहे हैं?
हाँ, श्रद्धालुओं को ईयरफोन का उपयोग न करने और फोन पर बात न करने की सलाह दी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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