16 अक्टूबर 2026
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भारत-ब्रिटेन संबंधों पर गर्व के साथ विदा हुईं उच्चायुक्त लिंडी कैमरन, FTA और विजन 2035 को बताया उपलब्धि

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भारत-ब्रिटेन संबंधों पर गर्व के साथ विदा हुईं उच्चायुक्त लिंडी कैमरन, FTA और विजन 2035 को बताया उपलब्धि

सारांश

भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने विदाई ली — FTA और विजन 2035 को उपलब्धि बताते हुए। अब वे FCDO में PUS पद पर नियुक्त पहली महिला बनेंगी। बेन मिलर कार्यवाहक उच्चायुक्त के रूप में कमान सँभालेंगे।

मुख्य बातें

लिंडी कैमरन ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली से विदाई ली और भारत-ब्रिटेन FTA तथा विजन 2035 को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
उन्होंने एक्स पर साझा वीडियो संदेश में रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, नवाचार और जलवायु क्षेत्रों में सहयोग को रेखांकित किया।
कैमरन को FCDO में स्थायी अवर सचिव (PUS) नियुक्त किया गया है — वे इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं।
ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने 10 सितंबर को उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी।
उनके स्थान पर बेन मिलर कार्यवाहक उच्चायुक्त के रूप में दायित्व सँभालेंगे।

भारत में ब्रिटेन की निवर्तमान उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली से विदाई लेते हुए कहा कि दोनों देशों ने मिलकर जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उन पर उन्हें गहरा गर्व है। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और 'विजन 2035' जैसे ऐतिहासिक कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर भी उत्साह जताया।

विदाई संदेश में क्या बोलीं कैमरन

ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से 16 अक्टूबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो संदेश में कैमरन ने कहा, 'नमस्कार भारत, यह कितना शानदार सफर रहा। यहाँ सेवा देना मेरे लिए असाधारण सम्मान की बात रही है। मुझे लगता है कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है।' उन्होंने कहा कि वे इस गर्व के साथ जा रही हैं कि 'हमने मिलकर बहुत कुछ हासिल किया है।'

कैमरन ने अपने संदेश में जोड़ा, 'मुक्त व्यापार समझौते के जरिए अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने से लेकर भविष्य पर केंद्रित विजन 2035 तक, हमने रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, नवाचार और जलवायु के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन साझेदारी को मजबूत किया है।' उन्होंने संदेश का समापन 'फिर मिलेंगे इंडिया' के साथ किया।

द्विपक्षीय सहयोग की मुख्य उपलब्धियाँ

कैमरन ने अपने कार्यकाल में हासिल प्रमुख उपलब्धियों के रूप में भारत-ब्रिटेन FTA और 'विजन 2035' रोडमैप को रेखांकित किया। विजन 2035 के तहत रक्षा, शिक्षा, नवाचार, जलवायु और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को संस्थागत रूप दिया गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ब्रिटेन के आर्थिक एवं रणनीतिक संबंध नई ऊँचाइयों पर हैं। गौरतलब है कि FTA की वार्ता कई वर्षों तक लंबित रहने के बाद अंततः दोनों देशों के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसे एक ऐतिहासिक राजनयिक उपलब्धि माना जा रहा है।

लोगों की भूमिका को सराहा

कैमरन ने अपने भारत प्रवास के दौरान सरकार, कारोबार, शिक्षा और नागरिक समाज से जुड़े लोगों से हुई मुलाकातों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों की भारत-ब्रिटेन संबंधों को आगे बढ़ाने की 'साझा महत्वाकांक्षा' रही है।

उनके अनुसार, 'आप सभी ने भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के लोगों तथा कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करने में मदद की है।' यह टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि राजनयिक संबंधों की मजबूती केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि व्यापक जन-संपर्क के जरिए भी होती है।

FCDO में ऐतिहासिक नियुक्ति

लिंडी कैमरन को अब ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (FCDO) में स्थायी अवर सचिव (PUS) के रूप में नियुक्त किया गया है। वे इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं।

ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने 10 सितंबर को उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा था कि कैमरन के पास कूटनीति, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में व्यापक अनुभव है। भारत में उच्चायुक्त के रूप में उनकी भूमिका इसी समृद्ध अनुभव का प्रतिबिंब रही है।

आगे क्या होगा

कैमरन की जगह उनके डिप्टी बेन मिलर कार्यवाहक उच्चायुक्त के रूप में दायित्व सँभालेंगे। कैमरन ने भरोसा जताया कि भारत-ब्रिटेन संबंध 'सुरक्षित हाथों में' रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे भारत के साथ अपने जुड़ाव को आगे भी बनाए रखने के इच्छुक हैं और भारत उनके दिल में 'हमेशा एक विशेष स्थान' रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और व्यापार असंतुलन व वीज़ा नीति जैसे विवादास्पद मुद्दे अनसुलझे बने हुए हैं। कैमरन का FCDO में PUS पद पर नियुक्त होना ब्रिटिश कूटनीतिक तंत्र में एक ऐतिहासिक पहल है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि उनके उत्तराधिकारी इस गति को कायम रख पाते हैं या नहीं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंडी कैमरन कौन हैं और वे भारत क्यों छोड़ रही हैं?
लिंडी कैमरन भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त रही हैं, जो अब लंदन में FCDO की स्थायी अवर सचिव (PUS) के रूप में नई जिम्मेदारी सँभालने के लिए 16 अक्टूबर 2026 को भारत से विदा हो रही हैं। वे इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं।
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 क्या है?
विजन 2035 भारत और ब्रिटेन के बीच एक दीर्घकालिक रोडमैप है, जो रक्षा, शिक्षा, नवाचार, जलवायु और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को संस्थागत रूप देता है। इसे दोनों देशों के संबंधों को 2035 तक एक नए स्तर पर ले जाने के लक्ष्य से तैयार किया गया है।
लिंडी कैमरन की जगह भारत में कौन उच्चायुक्त बनेंगे?
कैमरन के जाने के बाद उनके डिप्टी बेन मिलर कार्यवाहक उच्चायुक्त के रूप में दायित्व सँभालेंगे। कैमरन ने भरोसा जताया है कि भारत-ब्रिटेन संबंध 'सुरक्षित हाथों में' रहेंगे।
FCDO में PUS पद क्या होता है और कैमरन की नियुक्ति ऐतिहासिक क्यों है?
PUS यानी स्थायी अवर सचिव ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (FCDO) का सर्वोच्च प्रशासनिक पद होता है। लिंडी कैमरन इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं, जिसे ब्रिटिश कूटनीतिक इतिहास में एक उल्लेखनीय मील का पत्थर माना जा रहा है।
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से क्या हासिल हुआ?
कैमरन के अनुसार, FTA ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया है और व्यापार एवं निवेश के नए अवसर खोले हैं। यह समझौता कई वर्षों की वार्ता के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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