क्या लोकपाल ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत खारिज कर दी है? भाजपा सांसद ने आरोपों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही

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क्या लोकपाल ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत खारिज कर दी है? भाजपा सांसद ने आरोपों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही

सारांश

लोकपाल ने भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की शिकायत को खारिज कर दिया है। इस फैसले ने सांसद को बड़ी राहत दी है, और उन्होंने झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की योजना भी बनाई है।

Key Takeaways

  • लोकपाल ने सांसद के खिलाफ शिकायत को खारिज किया।
  • सांसद को कानूनी कार्रवाई का अधिकार दिया गया।
  • शिकायत में राजनीतिक प्रतिशोध की मंशा का संकेत मिला।

रांची, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के गोड्डा क्षेत्र के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे को लोकपाल से महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुई है। लोकपाल ने सांसद और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों संबंधी शिकायत को ‘आधारहीन’ और ‘योग्यताहीन’ करार देते हुए खारिज कर दिया है। लोकपाल की पीठ ने अपने आदेश में शिकायतकर्ता के आचरण पर भी कड़ी टिप्पणियां की हैं।

सांसद निशिकांत दुबे ने इस आदेश की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। लोकपाल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने विस्तार से कहा कि शिकायत में तथ्यों का अभाव है। आदेश में यह भी कहा गया कि यह शिकायत केवल अनुमानों, धारणाओं और कल्पनाओं पर आधारित है, और इसके पीछे राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिशोध की मंशा स्पष्ट है।

लोकपाल ने गंभीर टिप्पणी की कि शिकायतकर्ता, जो स्वयं एक पूर्व उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी रहे हैं, ने लोकपाल की कार्यवाही की गोपनीयता का उल्लंघन करते हुए इसे सार्वजनिक करने और वायरल करने का प्रयास किया। इसके अलावा, पीठ ने यह भी नोट किया कि शिकायत का एक बड़ा हिस्सा सांसद की पत्नी पर केंद्रित था, जबकि वे लोक सेवक नहीं हैं और लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं।

शिकायत खारिज करने के साथ ही लोकपाल ने डॉ. निशिकांत दुबे को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वे अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और गोपनीयता के उल्लंघन के लिए शिकायतकर्ता के खिलाफ उपयुक्त कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

सांसद ने कहा कि लोकपाल के आदेश के आलोक में वे झूठे आरोपों के जरिए परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के तहत मुकदमा दर्ज कराएंगे। निर्णय के बाद, सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'मेरा मुंह बंद नहीं हो सकता। मैं भाजपा का साधारण कार्यकर्ता हूं। मुझे सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी के समय भाजपा ने मुझे सांसद बनाया है। कांग्रेस के काले कारनामों को जनता के समक्ष पेश करना मेरा कर्तव्य है।'

दुबे ने आगे लिखा, 'मेरे तथा मेरे परिवार के ऊपर लगाए गए झूठे आरोपों पर लोकपाल ने निर्णय दिया। मुझे लोकपाल ने आदेश दिया कि झूठे आरोपों के आधार पर मेरे परिवार की इज्जत को ठेस पहुंचाने के लिए मुझे न्यायपालिका या लोकसभा से इन लोगों के ऊपर उत्पीड़न का मुकदमा दायर करना चाहिए। सत्यमेव जयते।'

Point of View

जिसमें सांसद की प्रतिष्ठा और लोकपाल की सक्रियता दोनों पर चर्चा हो रही है। यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे राजनीतिक आरोपों का उपयोग व्यक्तिगत और राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा सकता है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

लोकपाल ने शिकायत क्यों खारिज की?
लोकपाल ने शिकायत को 'आधारहीन' और 'योग्यताहीन' करार दिया, जिसमें तथ्यों का अभाव था।
डॉ. निशिकांत दुबे ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वे झूठे आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
क्या शिकायतकर्ता ने गोपनीयता का उल्लंघन किया?
हाँ, शिकायतकर्ता ने लोकपाल की कार्यवाही की गोपनीयता का उल्लंघन किया।
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