क्या भारतीय सेना ने वेटरन्स डे पर ऑपरेशन सिंदूर के लिए 26 यूनिट्स को सम्मानित किया?
सारांश
Key Takeaways
- वेटरन्स डे पर 26 यूनिट्स को सम्मानित किया गया।
- थल सेनाध्यक्ष ने पूर्व सैनिकों के कल्याण की प्राथमिकता बताई।
- सेना ने आधुनिक तकनीक और उच्च परिचालन तत्परता पर ध्यान केंद्रित किया।
- वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- जयपुर में विशेष आयोजन किया गया।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने वेटरन्स डे को देशभर के अपने सैन्य स्टेशनों और प्रतिष्ठानों में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर के लिए सेना की 26 इकाइयों को सम्मानित किया गया। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों का कल्याण भारतीय सेना की सर्वोच्च प्राथमिकता और स्थायी दायित्व है।
बदलते युद्ध स्वरूप को देखते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के समावेशन और उच्च परिचालन तत्परता पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने पूर्व सैनिकों को सेना की परंपराओं का आजीवन दूत बताया। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं और समाज से राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और दृढ़ता को मजबूत करने का आह्वान किया।
थल सेनाध्यक्ष ने पूर्व सैनिकों के कल्याण में सहयोग देने के लिए नागरिक प्रशासन एवं सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
सेना अलंकरण समारोह के दौरान थल सेनाध्यक्ष ने विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए। 10 सेना मेडल (वीरता) और 49 सीओएएस यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 60 इकाइयों को सीओएएस प्रशंसा प्रमाणपत्र दिए गए। ये सम्मान उन इकाइयों के साहस और उत्कृष्ट सेवा को मान्यता देते हैं, जो राष्ट्र सेवा में तत्पर हैं।
जयपुर सैन्य स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता थल सेनाध्यक्ष जनरल द्विवेदी ने की। उन्होंने वीर सैनिकों को वीरता पदक एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर जनरल द्विवेदी ने जिला सैनिक बोर्डों के अधिकारियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने भारतीय सेना वेटरन्स निदेशालय द्वारा प्रकाशित ‘सम्मान’ पत्रिका का विमोचन भी किया। वेटरन्स डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम 15 जनवरी 2026 को भी जारी रहेंगे।