विजयादशमी पर मोदी के आह्वान का BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने किया समर्थन, बोले — चुनाव से होता है सत्ता परिवर्तन, उपद्रव से नहीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 21 अक्टूबर 2026 को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजयादशमी संबोधन का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन केवल चुनावी मैदान से होता है, सड़क पर उपद्रव और अराजकता से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व विदेशी शक्तियों के इशारे पर देश में अस्थिरता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
मोदी के आह्वान पर तिवारी का समर्थन
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों से उन लोगों को पहचानने का आग्रह किया जो कथित तौर पर विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में उपद्रव और अराजकता फैलाना चाहते हैं। तिवारी के अनुसार, ऐसे तत्व नेपाल, फ्रांस और बांग्लादेश जैसे हालात भारत में पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
तिवारी ने कहा, 'पीएम मोदी ने विजयादशमी के शुभ अवसर पर यह आह्वान किया है कि ऐसे लोगों को पहचानिए जो विदेशी शक्तियों के हाथों उनके इशारे पर इस देश में उपद्रव और अराजकता फैलाना चाहते हैं, सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं।'
विपक्ष और इंडिया ब्लॉक पर निशाना
BJP नेता ने विपक्षी दलों और इंडिया ब्लॉक पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'देशविरोधी शक्तियाँ' बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को जो दिशा दी है, उसमें पूरा देश एकजुट है और ऐसी ताकतों को नकार दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल सरकार की नीतियों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं।
विजयादशमी के संदर्भ में तिवारी ने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई और झूठ पर सच की जीत का उत्सव है। उन्होंने कहा, 'राक्षसी और नक्सली सोच रखने वालों पर देशभक्त लोगों की जीत निश्चित है।'
सौरव दास और आशुतोष राणा मामले पर टिप्पणी
सौरव दास और आशुतोष राणा के मामले पर तिवारी ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय जाने का अधिकार है, परंतु आंदोलन के नाम पर आम लोगों को परेशान करना, पुलिस पर हमला करना और देशविरोधी तत्वों के निर्देश पर काम करना संविधान की इजाजत नहीं देता।
उन्होंने स्पष्ट किया, 'इस देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, इसी माध्यम से सत्ता परिवर्तन होता है। चुनावी मैदान में आइए, चुनाव लड़िए — लेकिन जिस तरह से उपद्रव के जरिए सत्ता परिवर्तन की बात हो रही है, उन्हें सजा अवश्य मिलेगी।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों में विपक्षी आंदोलनों और कथित विदेशी हस्तक्षेप को लेकर बहस तेज हो गई है। BJP और सत्तारूढ़ गठबंधन लगातार इंडिया ब्लॉक पर बाहरी शक्तियों से संबंध के आरोप लगाता रहा है, जिसे विपक्ष निराधार बताता है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक असहमति को 'राष्ट्रविरोधी' रंग देने का प्रयास है।
आने वाले दिनों में इस राजनीतिक विमर्श के और तेज होने की संभावना है, खासकर जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ अपने चरम पर हैं।