एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित: एक दिन में 52 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित, सरकार का बड़ा बयान

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एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित: एक दिन में 52 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित, सरकार का बड़ा बयान

सारांश

मध्य पूर्व संकट के बीच भारत में एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। 22 अप्रैल को 52 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित हुए, 1.5 लाख छापेमारी में 255 गिरफ्तार। 2,680 से अधिक भारतीय नाविक सुरक्षित स्वदेश लौटे। सरकार ने अफवाहों से दूर रहने की अपील की।

Key Takeaways

  • 22 अप्रैल 2026 को एक दिन में 52 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।
  • ऑनलाइन बुकिंग 98%25 और डीएसी के माध्यम से 94%25 डिलीवरी हो रही है।
  • 1 अप्रैल 2026 से 17 लाख से अधिक 5 किलो सिलेंडर प्रवासी मजदूरों को मिले, 8,200+ जागरूकता शिविर लगाए गए।
  • कालाबाजारी पर 1.5 लाख छापेमारी, 66,000 सिलेंडर जब्त, 255 गिरफ्तार, 1,100+ एफआईआर दर्ज।
  • मार्च 2026 से 5.18 लाख नए पीएनजी कनेक्शन और 41,000+ उपभोक्ताओं ने एलपीजी छोड़ पीएनजी अपनाया।
  • पर्शियन गल्फ से 2,680 से अधिक भारतीय नाविक सुरक्षित स्वदेश वापस लाए गए।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2026: मध्य पूर्व संकट के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रित है। 22 अप्रैल 2026 को अकेले एक दिन में 52 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए, जो सरकार की तैयारी और वितरण तंत्र की मजबूती को दर्शाता है।

एलपीजी वितरण के ताज़ा आंकड़े

22 अप्रैल 2026 को 52 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी एक बड़ी उपलब्धि है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग की दर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) प्रणाली के माध्यम से 94 प्रतिशत डिलीवरी हो रही है, जिससे वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। यह डिजिटल पहल सिलेंडरों की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगा रही है।

प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर योजना

सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई 5 किलो सिलेंडर योजना को जमीनी स्तर पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 17 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।

इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए देशभर में 8,200 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। यह योजना उन श्रमिकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो छोटे कमरों या झुग्गियों में रहते हैं और बड़े सिलेंडर की व्यवस्था करने में असमर्थ होते हैं।

पीएनजी कनेक्शन में तेज़ी — वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा

मार्च 2026 से अब तक 5.18 लाख नए पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और 5.87 लाख नए उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड गैस की मांग तेजी से बढ़ रही है।

उल्लेखनीय है कि 41,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी अपना लिया है। सरकार नागरिकों को इलेक्ट्रिक और इंडक्शन चूल्हों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, जो दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई

एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने देशव्यापी अभियान चलाया है। अब तक 1.5 लाख से अधिक छापेमारी की जा चुकी है और 66,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

इस अभियान में 1,100 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 255 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 298 वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 70 वितरकों की आपूर्ति निलंबित की गई है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि आपात स्थिति में मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भारतीय नाविक सुरक्षित, 2,680 से अधिक स्वदेश वापस

पर्शियन गल्फ क्षेत्र में कुछ विदेशी जहाजों पर फायरिंग की घटनाओं में भारतीय नाविक भी शामिल थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

अब तक 2,680 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 65 नाविक शामिल हैं। सरकार समुद्री संचालन, ईंधन आपूर्ति और नागरिक सुरक्षा — तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें। आने वाले दिनों में सरकार की नज़र वैश्विक तनाव की स्थिति पर बनी रहेगी और आवश्यकतानुसार तत्काल कदम उठाए जाएंगे।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब वैश्विक तनाव और गहरा हो। 1.5 लाख छापेमारी और 255 गिरफ्तारियां बताती हैं कि आपूर्ति श्रृंखला में भ्रष्टाचार कितना गहरा है — जो शांतिकाल में भी बड़ी चुनौती रहती है। 5 किलो सिलेंडर योजना प्रवासी मजदूरों के लिए राहत तो है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इतने वर्षों बाद यह जरूरत क्यों महसूस हुई। पीएनजी और इलेक्ट्रिक चूल्हों की ओर बढ़ावा दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में सही कदम है, पर इसकी रफ्तार तभी बढ़ेगी जब बुनियादी ढांचा और सब्सिडी नीति दोनों एक साथ मजबूत हों।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

22 अप्रैल 2026 को कितने एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए?
22 अप्रैल 2026 को देशभर में 52 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। यह आंकड़ा सरकार ने पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयान में जारी किया।
क्या मध्य पूर्व संकट के कारण भारत में एलपीजी की कमी होगी?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति जारी है। नागरिकों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की गई है।
एलपीजी कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने क्या कार्रवाई की?
सरकार ने 1.5 लाख से अधिक छापेमारी की, 66,000 सिलेंडर जब्त किए, 1,100 एफआईआर दर्ज कीं और 255 लोगों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 298 वितरकों पर जुर्माना और 70 की सप्लाई निलंबित की गई।
प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो एलपीजी सिलेंडर योजना क्या है?
यह योजना प्रवासी मजदूरों को छोटे और सस्ते 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराती है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 17 लाख से अधिक ऐसे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
पर्शियन गल्फ में फंसे भारतीय नाविकों का क्या हुआ?
सरकार ने बताया कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। अब तक 2,680 से अधिक नाविकों को स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 65 नाविक शामिल हैं।
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