4 अक्टूबर 2026
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लखनऊ में 5 एसीपी के तबादले: पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने 3 अक्टूबर की रात जारी किए आदेश

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लखनऊ में 5 एसीपी के तबादले: पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने 3 अक्टूबर की रात जारी किए आदेश

सारांश

लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने त्योहारी सीजन के बीच 3 अक्टूबर की रात 5 एसीपी के तबादले के आदेश जारी किए। कृष्णानगर, कैसरबाग, यातायात और कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील पदों पर नए अधिकारियों को जिम्मेदारी मिली है।

मुख्य बातें

पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने 3 अक्टूबर 2026 की देर रात 5 एसीपी के तबादले के आदेश जारी किए।
लक्ष्मण वर्मा को एसीपी कृष्णानगर , अभिषेक कुमार पाण्डेय को एसीपी कैसरबाग नियुक्त किया गया।
नवरत्न गौतम को एसीपी यातायात , महेश त्यागी को एसीपी कानून-व्यवस्था बनाया गया।
अनूप कुमार को एसीपी यातायात के साथ यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।
सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने 3 अक्टूबर 2026 की देर रात 5 सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) के तबादले के आदेश जारी किए। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसे मिली कहाँ नई जिम्मेदारी

लक्ष्मण वर्मा, जो इससे पहले एसीपी लखनऊ के पद पर तैनात थे, अब एसीपी कृष्णानगर की जिम्मेदारी संभालेंगे। कृष्णानगर सर्किल में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में उनकी नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अभिषेक कुमार पाण्डेय को एसीपी कृष्णानगर के पद से हटाकर एसीपी कैसरबाग नियुक्त किया गया है। कैसरबाग पुराने लखनऊ का अत्यंत संवेदनशील और घनी आबादी वाला इलाका है, जहाँ यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी परीक्षा रहती है।

नवरत्न गौतम, जो अब तक एसीपी कैसरबाग के पद पर थे, उन्हें अब एसीपी यातायात नियुक्त किया गया है। त्योहारी सीजन में लखनऊ की सड़कों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है, ऐसे में उनका अनुभव इस भूमिका में अहम माना जा रहा है।

महेश त्यागी को एसीपी यातायात के पद से हटाकर एसीपी कानून-व्यवस्था लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमिश्नरेट के भीतर कानून-व्यवस्था की यह पोस्ट सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मानी जाती है।

अनूप कुमार, जो पहले केवल यूपी-112 के एसीपी थे, को अब एसीपी यातायात के साथ-साथ यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इस प्रकार उन्हें दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

फेरबदल की वजह

कमिश्नरेट सूत्रों के अनुसार, यह स्थानांतरण नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य फील्ड में नए अधिकारियों को विविध अनुभव दिलाना और प्रशासनिक कार्यकुशलता को बेहतर बनाना है। लखनऊ कमिश्नरेट इन दिनों अपराध नियंत्रण, यातायात सुधार और यूपी-112 की प्रतिक्रिया अवधि (रिस्पॉन्स टाइम) घटाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

त्योहारी सीजन का संदर्भ

यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में त्योहारी सीजन चल रहा है और सार्वजनिक समारोहों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था का दबाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि लखनऊ जैसे बड़े महानगर में एसीपी-स्तरीय अधिकारियों की तैनाती सीधे ज़मीनी सुरक्षा स्थिति पर असर डालती है।

आगे क्या

सभी 5 एसीपी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती पर रिपोर्ट करने के आदेश दिए जा चुके हैं। माना जा रहा है कि नए दायित्वों के साथ कमिश्नरेट की समग्र क्षमता और अधिक सुगठित होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में 5 एसीपी के तबादले क्यों हुए?
कमिश्नरेट सूत्रों के अनुसार यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया फेरबदल है, जिसका उद्देश्य फील्ड में नए अधिकारियों को अनुभव दिलाना और कामकाज में तेजी लाना है। साथ ही त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को चुस्त-दुरुस्त रखना भी इसकी एक बड़ी वजह बताई जा रही है।
तबादला आदेश किसने और कब जारी किया?
लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने 3 अक्टूबर 2026 की देर रात यह आदेश जारी किया। सभी 5 एसीपी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन-किन एसीपी का तबादला हुआ और उन्हें कहाँ भेजा गया?
लक्ष्मण वर्मा को एसीपी कृष्णानगर, अभिषेक कुमार पाण्डेय को एसीपी कैसरबाग, नवरत्न गौतम को एसीपी यातायात, महेश त्यागी को एसीपी कानून-व्यवस्था लखनऊ बनाया गया है। अनूप कुमार को एसीपी यातायात के साथ यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार किसे दिया गया?
अनूप कुमार को यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे पहले केवल यूपी-112 के एसीपी थे, और अब उन्हें एसीपी यातायात की दोहरी जिम्मेदारी भी दी गई है।
कैसरबाग को संवेदनशील क्षेत्र क्यों माना जाता है?
कैसरबाग पुराने लखनऊ का घनी आबादी वाला और अत्यंत व्यस्त इलाका है, जहाँ यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। इस क्षेत्र में अनुभवी अधिकारी की तैनाती पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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