लखनऊ में कूड़ा प्रबंधन को नई दिशा: सीएम योगी ने 250 इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों का किया लोकार्पण
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 250 इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों का लोकार्पण
- कूड़ा प्रबंधन की नई पहल से हरित ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा
- लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा
- नगर निगम की योजनाएँ प्रदूषण में कमी लाने में सहायक
- लखनऊ को एक सस्टेनेबल अर्बन मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम
लखनऊ, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजधानी लखनऊ में कूड़ा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बुधवार, 1 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रातः 11 बजे अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग से 250 इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी वाहनों का लोकार्पण (फ्लैग ऑफ) करेंगे। यह पहल हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक मानी जा रही है।
नगर निगम लखनऊ द्वारा शहर के सभी 110 वार्डों में घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं कार्यालयों से निकलने वाले कूड़े का शत-प्रतिशत एकत्रीकरण, परिवहन और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था लागू की गई है। इस कार्य का संचालन चयनित संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है, जिसकी प्रतिदिन निगरानी भी सुनिश्चित की जाती है। नगर निगम के कमांड एवं कंट्रोल रूम से कूड़ा उठान कार्य का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम नंबर 1533 एवं टोल फ्री नंबर 18001234999 और 1800206172 पर शिकायत दर्ज कराकर त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम द्वारा कूड़ा एकत्रीकरण में डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि शहर में स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण भी सुनिश्चित होगा। यह नीति सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप है और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाने की दिशा में प्रभावी कदम मानी जा रही है।
वर्तमान में लखनऊ में 981 इलेक्ट्रिक एवं 169 सीएनजी वाहनों के माध्यम से कूड़ा एकत्रीकरण कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई 50 से अधिक मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों (ई-वाहनों) के माध्यम से प्रतिदिन कराई जा रही है। नए 250 वाहनों के जुड़ने से कूड़ा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक गति और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ई-वाहनों के सुचारु संचालन के लिए शहर में 13 स्थानों पर 520 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इससे न केवल वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में और अधिक ई-वाहनों के संचालन के लिए भी आधार तैयार होगा।
इस पूरी व्यवस्था से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही सर्कुलर इकोनॉमी को ध्यान में रखते हुए ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को भी मजबूती मिल रही है, जिससे कूड़े को संसाधन के रूप में उपयोग करने की दिशा में कार्य हो रहा है।
नगर निगम द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से न केवल शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी। यह पहल लखनऊ को एक आदर्श ‘सस्टेनेबल अर्बन मॉडल’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।