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नवरात्रि पर कन्नौज के 500 साल पुराने मां फूलमती देवी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी

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नवरात्रि पर कन्नौज के 500 साल पुराने मां फूलमती देवी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी

सारांश

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कन्नौज का 500 साल पुराना मां फूलमती देवी सिद्धपीठ श्रद्धालुओं से भर गया। पाँच जिलों से भक्त पहुँचे, प्रशासन ने ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी बिठाई। पुजारी शिखर मिश्र के अनुसार मां राजा वेणुचक्र की पुत्री हैं और कई प्रांतों की कुलदेवी।

मुख्य बातें

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कन्नौज के मां फूलमती देवी मंदिर में हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर से श्रद्धालु पहुँचे।
मंदिर करीब 500 साल पुराना सिद्धपीठ है; पुजारी शिखर मिश्र के अनुसार मां फूलमती देवी राजा वेणुचक्र की पुत्री और कई प्रांतों की कुलदेवी हैं।
प्रशासन ने सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी के साथ सुरक्षा बल तैनात किए; मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया।
नवरात्रि के पहले दिन अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई; प्रतिदिन शाम को विशेष आरती का आयोजन।
मध्य प्रदेश के देवास में भी मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कन्नौज स्थित करीब 500 साल पुराने सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में रविवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इत्र नगरी के रूप में प्रसिद्ध इस शहर का यह प्राचीन मंदिर पूरे नौ दिनों तक भक्तों से आबाद रहता है, और इस बार भी हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर सहित दूर-दूर के जिलों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुँचे।

मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मंदिर के मुख्य पुजारी शिखर मिश्र के अनुसार, मां फूलमती देवी राजा वेणुचक्र की पुत्री हैं और मां की सात बहनें हैं। उन्होंने बताया कि कन्नौज का नाम पुराणों में भी दर्ज है और यह मंदिर कई प्रांतों के परिवारों की कुलदेवी के रूप में पूजित है। नवरात्रि के पहले दिन मां की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई और प्रतिदिन शाम को विशेष आरती का आयोजन होता है। मां की प्रतिमा पर अर्पित जल को श्रद्धालुओं में विशेष महत्व दिया जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के ज़रिये चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। मंदिर को फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है, जो दूर से ही आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

श्रद्धालुओं की आस्था

कन्नौज से आए श्रद्धालु राजीव कुमार ने बताया कि वे बचपन से इस मंदिर में आ रहे हैं। उनके अनुसार, 'मां की मान्यता काफी ज़्यादा है। मां से माँगी गई सभी मुरादें पूरी होती हैं। मां के दरबार में आने से संतान की प्राप्ति होती है और मन को अपार शांति मिलती है।' यह मान्यता ही दूरदराज के भक्तों को नौ दिनों तक यहाँ खींच लाती है।

देवास में भी नवरात्रि की धूम

कन्नौज से परे मध्य प्रदेश के देवास में भी शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। बड़ी माता मंदिर के पुजारी हर्षल ने बताया कि पहले दिन दर्शन करना जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर सदियों पुराना है और मान्यता है कि यहाँ मां स्वयं साक्षात प्रकट हुई थीं। नवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक असीम श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रशासनिक तैयारी अभी भी मुख्यतः सीसीटीवी और ड्रोन तक सीमित दिखती है — भीड़ प्रबंधन के आधुनिक तंत्र, जैसे डिजिटल टोकन या लाइव दर्शन-व्यवस्था, अभी तक इन मंदिरों तक नहीं पहुँचे। 500 साल पुराने इस सिद्धपीठ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना असली चुनौती है। देश भर के धार्मिक स्थलों पर भगदड़ की पिछली घटनाओं के मद्देनजर, यह ज़रूरी है कि नवरात्रि जैसे अवसरों पर भीड़ नियंत्रण को महज़ निगरानी तक सीमित न रखा जाए।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मां फूलमती देवी मंदिर कहाँ स्थित है और इसकी क्या विशेषता है?
मां फूलमती देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के कन्नौज में स्थित एक सिद्धपीठ है, जो करीब 500 साल पुराना बताया जाता है। मंदिर के मुख्य पुजारी शिखर मिश्र के अनुसार, मां फूलमती देवी राजा वेणुचक्र की पुत्री हैं और कई प्रांतों के परिवारों की कुलदेवी के रूप में पूजित हैं।
नवरात्रि 2026 में मंदिर में कहाँ-कहाँ से श्रद्धालु आते हैं?
हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर सहित कई जिलों से श्रद्धालु यहाँ नौ दिनों तक दर्शन के लिए पहुँचते हैं। दूसरे प्रांतों से भी भक्त आते हैं जिनकी यह कुलदेवी हैं।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती की है और सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के ज़रिये निगरानी की जा रही है। मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है और पूरे नौ दिन कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
मां फूलमती देवी मंदिर में अखंड ज्योति और आरती का क्या महत्व है?
नवरात्रि के पहले दिन मां की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की जाती है, जो पूरे नौ दिनों तक जलती रहती है। प्रतिदिन शाम को मां की विशेष आरती की जाती है और मां की प्रतिमा पर अर्पित जल को श्रद्धालु विशेष महत्व देते हैं।
देवास (मध्य प्रदेश) में नवरात्रि का पहला दिन कैसा रहा?
मध्य प्रदेश के देवास में नवरात्रि के पहले दिन मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी माता मंदिर के पुजारी हर्षल के अनुसार, पहले दिन दर्शन करना जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और यह मंदिर सदियों पुराना है।
राष्ट्र प्रेस
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