14 अक्टूबर 2026
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शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन माता टेकरी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब, प्रयागराज में 'श्रृंगार चौकी' जुलूस ने मोहा मन

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शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन माता टेकरी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब, प्रयागराज में 'श्रृंगार चौकी' जुलूस ने मोहा मन

सारांश

नवरात्रि के चौथे दिन देश की आस्था एक बार फिर मंदिरों में उमड़ पड़ी — देवास के माता टेकरी मंदिर में चार दिनों में ही 4-5 लाख श्रद्धालु पहुँचे, तो प्रयागराज की 'श्रृंगार चौकी' शोभायात्रा ने सदियों पुरानी रामलीला परंपरा को जीवंत कर दिया।

मुख्य बातें

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन (14 अक्टूबर 2026) देशभर के देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
मध्य प्रदेश के देवास स्थित माता टेकरी मंदिर में मात्र चार दिनों में 4-5 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
मंदिर के पुजारी सुरेश नाथ के अनुसार आज मां कूष्मांडा की पूजा की जा रही है; देवी दिन में तीन रूपों में दर्शन देती हैं।
प्रयागराज में श्री महंत बाबा हाथीराम पजावा व श्री पत्थरचट्टी रामलीला समिति द्वारा ऐतिहासिक 'श्रृंगार चौकी' जुलूस का आयोजन किया गया।
जुलूस में भगवान राम, लक्ष्मण और देवी सीता की सजी-धजी झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं।
भारी भीड़ को देखते हुए दोनों स्थानों पर प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए हैं।

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन — 14 अक्टूबर 2026 — देशभर के देवी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। मध्य प्रदेश के देवास स्थित ऐतिहासिक माता टेकरी मंदिर से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक, आस्था और परंपरा का संगम देखते ही बना। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए।

माता टेकरी मंदिर में भक्तों का उत्साह

देवास के प्रसिद्ध एवं प्राचीन माता टेकरी मंदिर में बुधवार की सुबह आरती के साथ ही हज़ारों भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाया। लंबी-लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए दर्शन की प्रतीक्षा करते दिखे। मंदिर के पुजारी सुरेश नाथ ने बताया, 'आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है और यहां मां कूष्मांडा अपने दिव्य रूप में विराजमान हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'देवी दिन में तीन रूपों में दिखती हैं — सुबह बचपन, दोपहरी में जवानी और शाम को बुढ़ापा।'

पुजारी सुरेश नाथ ने मंदिर की मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि 'जिसको संतान नहीं होती, उसको मां के आशीर्वाद से संतान प्राप्ति होती है।' उन्होंने बताया कि नवरात्रि के महज़ चार दिनों में ही चार से पाँच लाख श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं — जो इस मंदिर की अपार लोकप्रियता का प्रमाण है।

प्रयागराज में 'श्रृंगार चौकी' जुलूस की भव्यता

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नवरात्रि के अवसर पर निकाली गई ऐतिहासिक 'श्रृंगार चौकी' शोभायात्रा ने भक्तों का मन मोह लिया। श्री महंत बाबा हाथीराम पजावा और श्री पत्थरचट्टी रामलीला समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।

सजे-धजे रथों पर भगवान राम, लक्ष्मण और देवी सीता की भव्य झांकियां इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं। रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक नगाड़ों की गूँजती धुन के साथ निकला यह जुलूस प्रयागराज की सदियों पुरानी रामलीला परंपरा को आज भी जीवंत रखे हुए है।

श्रद्धालुओं की भावनाएँ

जुलूस में भाग लेने वाले एक भक्त ने कहा, 'यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। ऐसा नज़ारा और कहीं देखने को नहीं मिलता। हम बहुत छोटे थे तब हमारे माता-पिता हमें यहां लाते थे और बाद में जब हम बड़े हुए, तो हम खुद आने लगे।' यह भावना नवरात्रि की उस सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाती है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी अटूट बनी हुई है।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारी

भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए दोनों स्थानों पर प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। भक्तों की सुविधा के लिए कतार प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब नवरात्रि के शेष पाँच दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इतनी बड़ी भीड़ प्रबंधन की चुनौती भी है — भगदड़ की पिछली घटनाओं के मद्देनज़र प्रशासनिक तैयारियों की जाँच ज़रूरी है। धर्म और सुरक्षा के इस संतुलन पर ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है जितना उत्सव को आगे बढ़ाना।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन किस देवी की पूजा होती है?
शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। देवास के माता टेकरी मंदिर के पुजारी सुरेश नाथ के अनुसार देवी दिन में तीन रूपों में दर्शन देती हैं — सुबह बचपन, दोपहर में जवानी और शाम को बुढ़ापे के रूप में।
माता टेकरी मंदिर कहाँ स्थित है और यह कितना प्रसिद्ध है?
माता टेकरी मंदिर मध्य प्रदेश के देवास में स्थित एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर है। नवरात्रि 2026 के पहले चार दिनों में ही यहाँ 4-5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो इसकी व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है।
प्रयागराज की 'श्रृंगार चौकी' शोभायात्रा क्या है?
यह प्रयागराज में नवरात्रि के दौरान निकाली जाने वाली एक ऐतिहासिक शोभायात्रा है, जिसे श्री महंत बाबा हाथीराम पजावा और श्री पत्थरचट्टी रामलीला समिति आयोजित करती हैं। इसमें सजे-धजे रथों पर भगवान राम, लक्ष्मण और देवी सीता की भव्य झांकियां निकाली जाती हैं।
नवरात्रि के दौरान मंदिरों में इतनी भीड़ को संभालने के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए हैं। कतार प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिल सके।
माता टेकरी मंदिर की क्या विशेष मान्यता है?
पुजारी सुरेश नाथ के अनुसार माता टेकरी मंदिर की मान्यता है कि जिन दंपतियों को संतान नहीं होती, उन्हें मां के आशीर्वाद से संतान की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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