मैहर के मां शारदा देवी मंदिर में अष्टमी पर विशेष पूजा का अद्भुत नज़ारा, उमड़े श्रद्धालु
सारांश
Key Takeaways
- चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर भक्तों का अद्भुत उत्साह।
- मां शारदा देवी मंदिर में विशेष पूजा और आरती।
- श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन के लिए।
- मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना हुआ।
- सच्चे मन से मांगी गई मुरादों का पूरा होना।
मैहर, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी का दिन पूरे देश में विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस बार भी विभिन्न स्थानों पर भक्तों का उत्साह अद्वितीय देखने को मिला। मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित प्रसिद्ध मां शारदा देवी मंदिर में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। गुरुवार सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, और हर कोई माता के दर्शन के लिए आतुर दिखाई दिया।
अष्टमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आरती का आयोजन किया गया। मंदिर के प्रधान पुजारी पवन दाऊ जी महाराज ने विधि-विधान से माता की आरती की और भोग अर्पित किया। आरती जैसे ही शुरू हुई, पूरा मंदिर 'जय माता दी' के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा और विश्वास की परछाई स्पष्ट रूप से देखी जा सकती थी। माना जाता है कि इस दिन माता से सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।
वहीं, देवास में भी अष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। यहां मां तुलजा भवानी मंदिर और मां चामुंडा मंदिर में विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया गया। भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिरों में गुरुवार सुबह से भजन-कीर्तन का माहौल बना हुआ था, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
इसी तरह, उत्तराखंड के काशीपुर में भी चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना हुई। यहां प्रसिद्ध मां बाल सुंदरी देवी मंदिर में हर साल लगने वाला चैती मेला इस बार भी भव्य तरीके से आयोजित किया गया। अष्टमी के दिन माता की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच निकली इस शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।
मंदिर के मुख्य पुजारी विकास कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि माता की पालकी पारंपरिक मार्गों से होकर अपने भवन में विराजमान हो चुकी है। पूजा-अर्चना के बाद भव्य आरती की गई और भक्तों के लिए दर्शन के द्वार खोल दिए गए। उन्होंने कहा कि अष्टमी के दिन माता के दर्शन का विशेष महत्व होता है और श्रद्धालुओं में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।