चैत्र नवरात्र: मां शारदा के दिव्य शृंगार से सजता है भव्य मेला
सारांश
Key Takeaways
- मां शारदा का मंदिर 108 शक्तिपीठों में से एक है।
- यहां चैत्र नवरात्र के दौरान भक्तों की भारी भीड़ होती है।
- मंदिर में एक चमत्कारी दीपक सदियों से जल रहा है।
- भक्त 1 हजार से अधिक सीढ़ियां चढ़कर मां के दर्शन करते हैं।
- मेला 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होगा।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र माह की शुरुआत के साथ ही देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां आरंभ हो जाती हैं, परंतु मध्य प्रदेश की धरती पर एक ऐसा शक्तिशाली मंदिर स्थित है, जहां दर्शन मात्र से सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं।
इस महीने में लाखों भक्त कठिन चढ़ाई चढ़कर मां के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते हैं। हम बात कर रहे हैं मैहर के मां शारदा के अद्भुत मंदिर की।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में त्रिकूट पर्वत पर स्थित मैहर वाली मां शारदा 108 शक्तिपीठों में से एक है, जहां चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्तों की भीड़ मां का आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ती है। मां का मंदिर अपने रहस्यमय शृंगार के लिए प्रसिद्ध है; माना जाता है कि रात में मां का शृंगार दिव्य शक्तियों द्वारा किया जाता है। इस रहस्यमय शृंगार को उनके परम भक्त वीर आल्हा से जोड़ा जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार, वीर आल्हा ने त्रिकूट पर्वत पर 12 वर्षों तक तपस्या की थी, और मां ने उनकी कठोर तपस्या से प्रभावित होकर उन्हें दर्शन दिए थे। मां ने आल्हा को यह वरदान दिया था कि पूजा और शृंगार का अधिकार सबसे पहले उनका होगा। इसी कारण सुबह मंदिर के कपाट खोलने पर पुजारियों को मां के गर्भगृह में ताजे फूल मिलते हैं। माना जाता है कि वीर आल्हा मां की पहली पूजा करते हैं।
मंदिर की एक और विशेषता भक्तों की मां शारदा पर अटूट आस्था को दर्शाती है। मंदिर में एक चमत्कारी दीपक है, जो सदियों से जलता आ रहा है। मान्यता है कि स्वयं आल्हा मां की आराधना के लिए दीप जलाकर जाते हैं। इन्हीं कारणों से भक्तों की आस्था अडिग है।
भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 1 हजार से अधिक सीढ़ियां चढ़कर मंदिर पहुंचते हैं। कहा जाता है कि जो भी 1 हजार सीढ़ियों को पार कर मां शारदा का ध्यान करता है, मैहर वाली माई उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। चैत्र नवरात्र में मैहर में भव्य मेला आयोजित होता है। इस बार मेला 19 मार्च से शुरू होगा और 27 मार्च तक चलेगा। इस अवसर पर मंदिर में भारी संख्या में पुलिस तैनात की जाती है और भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं।