शारदीय नवरात्रि सप्तमी: मैहर, देवास और प्रयागराज में मां कालरात्रि के दर्शन को उमड़े लाखों श्रद्धालु
सारांश
मुख्य बातें
शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन, 17 अक्टूबर 2026 को, देशभर के शक्तिपीठों में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना विधि-विधान से संपन्न की गई। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मध्य प्रदेश के देवास और मैहर के प्रसिद्ध मंदिरों में शनिवार की भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और भक्तिमय माहौल में पूरा दिन गुज़रा।
प्रयागराज: ललिता देवी शक्तिपीठ में उत्साह
प्रयागराज स्थित अत्यंत प्राचीन और पवित्र ललिता देवी शक्तिपीठ मंदिर में नवरात्रि के सातवें दिन भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने मां को चुनरी, नारियल, फल, फूल और मिष्ठान अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंगला आरती के साथ ही पूजन का सिलसिला आरंभ हो गया, जो देर रात्रि तक जारी रहा।
नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान इस मंदिर में शतचंडी पाठ, दुर्गा सप्तशती पाठ और भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान निरंतर होते रहते हैं। शाम को माता रानी का भव्य श्रृंगार भी किया गया। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की है, ताकि भक्त बिना किसी बाधा के दर्शन-पूजन कर सकें।
देवास: माता टेकरी पर घुटनों के बल पहुंचे भक्त
मध्य प्रदेश के देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर भी सातवें दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। प्रातः आरती में बड़ी संख्या में भक्त सम्मिलित हुए। मां चामुंडा के दरबार में कुछ भक्त ऐसे भी थे जो मन्नत पूरी होने पर घुटनों के बल चलकर मंदिर तक पहुंचे।
यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और इसे रक्त-पेट भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता के अनुसार यहाँ माता सती का रक्त गिरा था। लोक-आस्था के अनुसार, जो भी भक्त सच्चे मन से यहाँ मन्नत माँगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इस विश्वास ने इस शक्तिपीठ को मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित आस्था-केंद्रों में से एक बना दिया है।
मैहर: शारदा शक्तिपीठ धाम में भव्य पूजन
मैहर स्थित त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा शक्तिपीठ धाम में भी मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की गई। दूर-दराज़ से पहुँचे श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
मंदिर के प्रधान पुजारी पवन जी महाराज (दाऊ सरकार) ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन संपन्न कराया। इस दौरान मैहर नगरी पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबी नज़र आई। गौरतलब है कि मां शारदा शक्तिपीठ का उल्लेख देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में होता है और नवरात्रि के अवसर पर यहाँ की भीड़ हर वर्ष बढ़ती जा रही है।
आम जनता पर असर और व्यवस्थाएँ
तीनों स्थलों पर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और दर्शन पंक्तियों का समुचित प्रबंध देखा गया। नवरात्रि के शेष दो दिनों में भी इसी तरह की भीड़ उमड़ने की संभावना है, और मंदिर प्रबंधन पूरी तैयारी में जुटा है।